आखिर अनीता बिश्नोई ने क्यों किया जान देने का प्रयास? पति दीनाराम ने बताई पूरी कहानी
राजस्थान की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई के आत्महत्या के प्रयास के बाद उनके पति दीनाराम ने बड़ा खुलासा किया है।
जोधपुर। सोशल मीडिया की दुनिया जहां लोगों को रातों-रात लोकप्रियता दिलाती है, वहीं इसका दूसरा और कड़वा सच भी अक्सर सामने आता रहता है। राजस्थान की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई के मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
लाखों फॉलोअर्स वाली अनीता बिश्नोई द्वारा कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना ने उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया जगत को झकझोर दिया है।
फिलहाल अनीता जोधपुर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में भर्ती हैं, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत में पहले की तुलना में सुधार है और स्वास्थ्य लगातार स्थिर हो रहा है।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि अनीता ने उठाया यह कदम?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिन्होंने एक सफल और लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
इस मामले में अनीता बिश्नोई के पति दीनाराम बिश्नोई ने मीडिया से बातचीत करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दीनाराम का कहना है कि पिछले कुछ समय से उनकी पत्नी लगातार मानसिक दबाव में थीं और कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे थे।
उनके अनुसार अनीता को लगातार बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रोलिंग के साथ-साथ उन्हें कथित रूप से ब्लैकमेल किया जा रहा था और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी जा रही थीं।
"कुछ लोग मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे"
दीनाराम ने दावा किया कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से अनीता के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्य, कुछ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और कुछ अन्य लोग मिलकर अनीता के खिलाफ नकारात्मक माहौल बना रहे थे। इससे उनकी पत्नी गहरे मानसिक तनाव में चली गई थीं।
दीनाराम का कहना है कि अनीता को लेकर ऐसे दावे और आरोप लगाए जा रहे थे, जिनसे उनकी छवि और सम्मान को ठेस पहुंच रही थी। लगातार मिल रही आलोचनाओं और व्यक्तिगत हमलों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया।
घटना वाले दिन क्या हुआ?
दीनाराम ने बताया कि 3 जून की सुबह वह अपने भाई के घर गए हुए थे। इसी दौरान उनके पास बच्चों और एक परिचित का फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि अनीता सोशल मीडिया पर लाइव आकर कुछ गलत कदम उठाने की बात कर रही हैं। सूचना मिलते ही वह तुरंत घर पहुंचे।
जब वे घर पहुंचे तो अनीता की हालत बिगड़ चुकी थी। इसके बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया।समय पर इलाज मिलने के कारण उनकी जान बच गई।
सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई चिंता
घटना से पहले अनीता बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट भी साझा की थी, जिसने उनके फॉलोअर्स को चिंतित कर दिया था। बताया जा रहा है कि पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि—
"आज के बाद आपकी बहन इस दुनिया में नहीं दिखेगी।"
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों में चिंता बढ़ गई थी।
किस पोस्ट से शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले अनीता बिश्नोई की एक सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
अपने वीडियो में उन्होंने कहा था—
"कपड़े हो गए छोटे तो शर्म कहां से आएगी, रोटी हो गई ब्रेड तो ताकत कहां से आएगी, इंसान हो गए पैसे के तो प्रेम कहां से आएगा..."
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने इसका विरोध किया। धीरे-धीरे यह बहस ट्रोलिंग और व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गई।
वायरल वीडियो में छलका दर्द
घटना से पहले अनीता का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह भावुक नजर आ रही थीं। वीडियो में उन्होंने कहा था कि "कोई भी महिला ऐसा कदम तभी उठाती है जब उसकी इज्जत पर कीचड़ उछाला जाता है।" यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
कौन हैं अनीता बिश्नोई?
अनीता बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र की निवासी हैं और वर्तमान में अपने परिवार के साथ जोधपुर में रहती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी, राजस्थानी संस्कृति और महिलाओं से जुड़े विषयों पर वीडियो बनाकर लोकप्रियता हासिल की। आज उनके लाखों फॉलोअर्स हैं और वे राजस्थान की चर्चित महिला कंटेंट क्रिएटर्स में गिनी जाती हैं।
साइबर बुलिंग पर फिर उठे सवाल
अनीता बिश्नोई का मामला केवल एक व्यक्ति की निजी त्रासदी नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर बढ़ती साइबर बुलिंग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन ट्रोलिंग, व्यक्तिगत हमले और लगातार नकारात्मक टिप्पणियां किसी भी व्यक्ति पर गहरा मानसिक प्रभाव डाल सकती हैं।
फिलहाल अनीता बिश्नोई का उपचार जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं उनके प्रशंसक और शुभचिंतक जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।