"बाड़मेर में गर्भवती नवविवाहिता की हत्या: 21 महीने बाद 15 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार"
गर्भवती महिला और उसके परिवार पर क्रूर हमला: नवविवाहिता की दर्दनाक मौत, 21 महीने की लंबी तलाश के बाद गिरफ्त में आया 15 हजार का इनामी अपराधी
राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र में हुई एक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया, जहां कुछ असामाजिक तत्वों ने एक गर्भवती महिला और उसके परिवार पर बेरहमी से हमला बोल दिया। इस हिंसक घटना में नवविवाहिता की जान चली गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। अपराधियों की तलाश में जुटी पुलिस को आखिरकार 21 महीने की कड़ी मशक्कत के बाद एक मुख्य आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली, जो 15 हजार रुपये का इनामी बदमाश था। यह मामला न केवल अपराध की गहराई को उजागर करता है, बल्कि न्याय की प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। खबर के अनुसार 11 जनवरी 2024 को पीड़िता ने सिणधरी थाने में रिपोर्ट दी। उसने बताया कि मैं मेरा पति और मेरे देवर अपने ससुर से मिलने के लिए गए हुए थे। उसे समय घर में कोई नहीं था। भैरनाथ पुत्र पूनमनाथ, दीपनाथ पुत्र पूनम नाथ, देवी पत्नी भैरनाथ, रुपाराम सभी निवासी सिणधरी और दो व्यक्ति आपस में एक राय होकर घर में घुस गए और तोड़फोड़ की।
घटना का काला अध्याय: एक खुशहाल परिवार पर संकट का सायायह दुखद कांड करीब डेढ़ साल पहले, यानी जनवरी 2024 में, राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र के सिणधरी इलाके में घटी। पीड़ित परिवार एक सामान्य किसान परिवार था, जो अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में खुशियां संजोए हुए था। नवविवाहिता, जिसकी शादी को महज कुछ महीने ही बीते थे, उस समय गर्भवती थी और अपने पहले बच्चे की उम्मीद में डूबी हुई थी। उसका पति और ससुराल वाले एक छोटे से खेत पर निर्भर थे, जहां वे सुकून भरी जिंदगी जी रहे थे।अचानक, एक सामान्य शाम को कुछ हथियारबंद बदमाशों ने घर पर धावा बोल दिया। इन अपराधियों का मुख्य उद्देश्य चोरी या लूटपाट लग रहा था, लेकिन बात बिगड़ते ही उन्होंने परिवार पर हमला कर दिया। गर्भवती महिला को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया, जिसके चलते उसे गंभीर चोटें आईं। परिवार के अन्य सदस्यों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों की संख्या और हथियारों के आगे वे लाचार पड़ गए। हमले के दौरान घर में रखी नकदी और आभूषण लूट लिए गए, लेकिन असली त्रासदी तो मानवीय क्षति थी।
तत्काल परिणाम: एक जीवन का अंत और परिवार का बिखरनाहमले के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से गर्भवती महिला की हालत इतनी नाजुक हो चुकी थी कि डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसकी सांसें थम गईं। यह खबर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा गई। उसके पति और देवर बुरी तरह घायल थे, जबकि अन्य परिवारजन सदमे में थे। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की मौत चोटों और गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं के कारण हुई। इस घटना ने न केवल परिवार को आर्थिक रूप से कमजोर किया, बल्कि भावनात्मक रूप से भी तोड़ दिया। नवविवाहिता के मायके वालों का गुस्सा आसमान छूने लगा, और उन्होंने तत्काल न्याय की मांग की।
घटना के बाद आरोपी दिपनाथ गिरफ्तारी के भय से फरार हो गया। दीपनाथ पुत्र पूनम नाथ निवासी सिणधरी चौसीरा ने इस वारदात को अंजाम दिया लेकिन बालोतरा सिणधरी पुलिस ने 21 महीने की कड़ी मशक्कत के बाद उसको गिरफ्तार कर लिया है एवं इसके साथियों की तलाश जारी।
Mohit Parihar
Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.