बाड़मेर कृषि मंडी में चोरों का धावा: 20 से अधिक दुकानों के तोड़े ताले, सुरक्षा बल पर सवाल।

Oct 17, 2025 - 12:22
Oct 17, 2025 - 18:23
बाड़मेर कृषि मंडी में चोरों का धावा: 20 से अधिक दुकानों के तोड़े ताले, सुरक्षा बल पर सवाल।

बाड़मेर कृषि उपमंडी में चोरों का धावा: 20 दुकानों के ताले तोड़े, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बाड़मेर जिले की कृषि उपमंडी में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। यहां लगभग 20 दुकानों के शटर और ताले तोड़ दिए गए, जिससे व्यापारियों में दहशत फैल गई है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने फौरन संज्ञान लिया और जांच के लिए चार थानों की पुलिस टीमें, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की विशेषज्ञ यूनिट और डॉग स्क्वायड को मौके पर उतार दिया गया है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) ने साफ शब्दों में कहा कि इस घटना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

घटना का पूरा विवरण

यह सनसनीखेज घटना बाड़मेर जिले के कृषि उपमंडी क्षेत्र में गुरुवार रात को हुई।अज्ञात चोरों का एक गिरोह मंडी परिसर में घुसा और रात के सन्नाटे का पूरा लाभ उठाते हुए 20 से अधिक दुकानों को निशाना बनाया। चोरों ने लोहे के भारी शटरों को काटने के लिए गैस कटर या अन्य उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल किया लगता है, क्योंकि कई दुकानों के ताले पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए। मंडी में मुख्य रूप से अनाज, बीज, खाद और कृषि-संबंधी सामग्री बिक्री करने वाली दुकानें हैं, इसलिए चोरों का लक्ष्य नकदी, कीमती सामान या दस्तावेज हो सकते हैं।वारदात का पता तब चला जब गुरुवार सुबह दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों को खोलने की कोशिश की। कई दुकानों के अंदर घुसपैठ के निशान मिले, लेकिन अभी तक चोरी हुए सामान का सटीक आकलन नहीं हो सका है। व्यापारियों का अनुमान है कि लाखों रुपये का नुकसान हुआ होगा, जिसमें नकदी के अलावा स्टॉक भी शामिल है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र के व्यापारियों को स्तब्ध कर दिया है, क्योंकि कृषि मंडी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र है जहां रोजाना सैकड़ों किसान और व्यापारी आते-जाते हैं।

जांच की तत्परता: बहुस्तरीय प्रयास

घटना की सूचना मिलते ही बाड़मेर पुलिस ने तुरंत एक्शन मोड में आ गई। चारों तरफ से थानों—जिनमें सदर थाना, उपमंडी थाना, बालोतरा थाना और अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों की टीमे ओर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट, पैरों के निशान और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए, जबकि डॉग स्क्वायड ने आसपास के इलाकों में चोरों के सुराग ढूंढे। डॉग्स ने मंडी के बाहर तक ट्रेलिंग की, लेकिन अभी तक कोई ठोस क्लू नहीं मिला है।सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, हालांकि मंडी परिसर में कुछ कैमरों की खराबी की शिकायत भी सामने आई है। संदिग्धों की तलाश में आसपास के गांवों और शहरों में नाकेबंदी की गई है। एसपी बाड़मेर ने बताया कि यह एक सुनियोजित अपराध लगता है, और जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि क्या यह अकेली घटना है या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा।

प्रशासन का रुख: लापरवाही पर सख्तीअतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। मंडी की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों की लापरवाही साबित होने पर उनके खिलाफ विभागीय जांच के बाद सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन या अन्य दंड शामिल हो सकते हैं।" एडीएम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मंडी क्षेत्र में सीसीटीवी कवरेज बढ़ाया जाए और रात्रिकालीन गश्त को मजबूत किया जाए।इसके अलावा, जिला प्रशासन ने प्रभावित व्यापारियों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है, जिसमें क्षतिपूर्ति के लिए बीमा क्लेम में मदद और सुरक्षा उपायों में सुधार शामिल हैं। स्थानीय व्यापार संघ ने भी प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 24x7 निगरानी सुनिश्चित की जाए।

व्यापारियों की चिंता और संभावित प्रभाव

कृषि उपमंडी में व्यापार करने वाले दुकानदारों ने अपनी व्यथा व्यक्त की है। एक दुकानदार ने बताया, "रात भर की मेहनत का फल चोरों ने लूट लिया। अब सुरक्षा के बिना कैसे विश्वास करेंगे ग्राहक?" इस घटना से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि किसानों और व्यापारियों के बीच अविश्वास भी बढ़ सकता है। बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी जिले में जहां कृषि पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, ऐसी वारदातें विकास को पटरी से

उतार सकती हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.