सौम्या झा का 'पढ़ाई विद एआई': टोंक में गणित का डर खत्म

टोंक जिले में आईएएस डॉ. सौम्या झा के 'पढ़ाई विद एआई' पहल ने बच्चों के मन से गणित का डर खत्म कर 2025 में 10वीं कक्षा का रिजल्ट 95% तक पहुंचाया, जो जिले का ऐतिहासिक प्रदर्शन है। इस वेब पोर्टल ने एआई ट्यूटर, साप्ताहिक टेस्ट, और एनालिटिक्स के जरिए बच्चों को गणित के कॉन्सेप्ट समझाए और आत्मविश्वास बढ़ाया। प्रथम श्रेणी में 5% और उच्च अंकों (80-100%) में 7.54% विद्यार्थियों की वृद्धि हुई, जबकि असफलता दर 3% घटी। यह नवाचार शिक्षा में तकनीक की ताकत को दर्शाता है।

Jun 14, 2025 - 16:33
Jun 14, 2025 - 16:38
सौम्या झा का 'पढ़ाई विद एआई': टोंक में गणित का डर खत्म

राजस्थान के टोंक जिले में आईएएस अधिकारी डॉ. सौम्या झा के नवाचार 'पढ़ाई विद एआई' ने शैक्षणिक क्रांति ला दी है। इस पहल ने न केवल बच्चों के मन से गणित का डर खत्म किया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसका नतीजा वर्ष 2025 में दसवीं कक्षा के ऐतिहासिक परीक्षा परिणाम के रूप में सामने आया, जहां टोंक जिले का रिजल्ट 95 प्रतिशत रहा। यह परिणाम जिले के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ और राज्य के औसत से कहीं बेहतर है।

टोंक जिले में कलेक्टर के रूप में नियुक्त होने के बाद डॉ. सौम्या झा ने महसूस किया कि जिले में शिक्षा का स्तर कमजोर है, खासकर गणित विषय को लेकर बच्चों में भय व्याप्त है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 'पढ़ाई विद एआई' वेब पोर्टल की शुरुआत की, जिसे जिले के सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया गया। यह पोर्टल बच्चों के लिए संजीवनी साबित हुआ।

सत्र 2024-25 में इस पहल के शानदार परिणाम देखने को मिले। टोंक जिले में 95 प्रतिशत विद्यार्थी दसवीं कक्षा में उत्तीर्ण हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर है। प्रथम श्रेणी (60-100%) में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या में 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। वहीं, उच्च अंकों (80-100%) से पास होने वाले 7.54 प्रतिशत विद्यार्थियों ने न केवल अपने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ा, बल्कि राज्य के 5.95 प्रतिशत के आंकड़े को भी पार कर लिया। इसके साथ ही, असफल विद्यार्थियों की संख्या में 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

'पढ़ाई विद एआई' का मुख्य उद्देश्य बच्चों में गणित के प्रति रुचि जगाना था। इस वेब पोर्टल ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक के प्रश्न हल करने में मदद की, साथ ही एआई ट्यूटर के माध्यम से नए सवालों का अभ्यास, साप्ताहिक टेस्ट, टॉपर छात्रों की तस्वीरें प्रदर्शित करने और छात्र एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं प्रदान कीं। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, समाधान खोजने और नए सवालों पर अभ्यास करने के अवसर मिले। शिक्षकों को भी इस पोर्टल के जरिए मूल्यांकन और निगरानी की सुविधा मिली, जिससे उनका मार्गदर्शन और प्रभावी हुआ।

डॉ. सौम्या झा के इस अभिनव प्रयास ने टोंक जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मुकाम दिलाया है। 'पढ़ाई विद एआई' ने साबित कर दिया कि सही दिशा और तकनीक के उपयोग से शिक्षा में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।

Yashaswani Journalist at The Khatak .