“युवाओं को मजबूत करो, बुनियादी ढांचा सुधारो” — 2047 का सपना साकार करने का संदेश...

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राजस्थान विधानसभा में उच्च शिक्षा, जनजाति विकास, वन सुरक्षा और युवाओं की समस्याओं पर विस्तृत और तथ्यप्रधान वक्तव्य दिया। उन्होंने प्रवेश, परीक्षा, परिणाम और कॉलेज स्टाफ की कमी, पेंशन संकट, युवाओं के लिए रोजगार व छात्रसंघ चुनाव, सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, जनजाति समाज के भूमि अधिकार और वन संरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उनका मुख्य संदेश था कि 2047 तक विकसित राजस्थान का सपना तभी पूरा होगा जब शिक्षा और बुनियादी ढांचा मजबूत होंगे।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
February 23, 2026 • 8:36 PM  20
र
राजनीति
NEWS CARD
Logo
“युवाओं को मजबूत करो, बुनियादी ढांचा सुधारो” — 2047 का सपना साकार करने का संदेश...
““युवाओं को मजबूत करो, बुनियादी ढांचा सुधारो” — 2047 का सपना साकार करने का संदेश...”
Favicon
Read more on thekhatak.com
23 Feb 2026
https://www.thekhatak.com/yuvao-ko-majbhoot-karo-buniyaadi-dhanchha-sudharo-2047-ka-sapna
Google News
Copied
“युवाओं को मजबूत करो, बुनियादी ढांचा सुधारो” — 2047 का सपना साकार करने का संदेश...

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सोमवार को राजस्थान विधानसभा में उच्च शिक्षा, जनजाति क्षेत्रीय विकास और वन-पर्यावरण सुरक्षा जैसे अहम विषयों पर एक लंबा, तथ्यप्रधान और दूरदर्शी वक्तव्य दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश का 2047 तक विकसित होना सीधे शिक्षा, युवाओं और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर निर्भर है।

उच्च शिक्षा: प्रदेश की नींव

भाटी ने कहा कि उच्च शिक्षा ही प्रदेश का आधार है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किया, जहां विश्वविद्यालय और छात्रसंघ की भूमिका ने उन्हें राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया। उनका कहना था कि यदि विश्वविद्यालय मजबूत नहीं होंगे तो ग्रामीण युवाओं के लिए विकास के रास्ते बंद होंगे।

प्रवेश, परीक्षा और परिणाम की अव्यवस्था

विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं और परिणामों में विलंब से छात्र प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने समान शैक्षणिक कैलेंडर, समयबद्ध प्रवेश और परीक्षा, और अनियमितताओं पर सख्त नियंत्रण की मांग की।

ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।

छात्रसंघ चुनाव: लोकतंत्र की नींव

भाटी ने छात्रसंघ चुनावों को युवा राजनीति की पहली पाठशाला बताया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने चुनावों पर रोक लगाई थी, वर्तमान सरकार से आग्रह किया कि चुनाव कराए जाएं।

कॉलेज और विश्वविद्यालय में स्टाफ संकट

अधिकांश कॉलेज एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालयों में गिने-चुने प्रोफेसर हैं।

‘विद्या संभल योजना’ के तहत अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों की स्थिति अस्थिर है।

उन्होंने शिक्षक नियुक्ति और एआई युग के अनुसार आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

पेंशन संकट और कर्मचारी सुरक्षा

जिन लोगों ने जीवनभर विश्वविद्यालयों को सेवा दी, उन्हें पेंशन नहीं मिलने से धरने पर बैठना पड़ रहा है।

भाटी ने समयबद्ध पेंशन भुगतान की व्यवस्था करने की मांग की।

संसाधन और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार

विश्वविद्यालयों को एल्युमिनाई नेटवर्क से फंडिंग जुटाने का सुझाव।

एमबीएम और जोधपुर विश्वविद्यालय के निकटता और संसाधनों के टकराव का उल्लेख।

एमबीएम को केवल इंजीनियरिंग के लिए समर्पित किया जाए।

जोधपुर विश्वविद्यालय में आर्ट्स और पारंपरिक कोर्स जारी रहें।

प्लेसमेंट और रोजगार

ग्रामीण छात्रों को डिग्री के बाद रोजगार की समस्या का सामना।

एआई, रोबोटिक्स जैसे क्षेत्र में प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेल मजबूत करने की आवश्यकता।

परीक्षा शुल्क वृद्धि का विरोध और वित्तीय भार को कम करने का सुझाव।

सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा

शिव और गडरा कॉलेजों में स्टाफ की कमी।

बाड़मेर पीजी कॉलेज को मजबूत करने और हरसाणी में नया कॉलेज खोलने की मांग।

117 अंतरराष्ट्रीय सीमा के गांवों के छात्रों के लिए स्थानीय शिक्षा की आवश्यकता।

युवाओं पर मुकदमे और सरकारी नौकरी

पारिवारिक विवाद या झूठे मुकदमों से प्रभावित युवाओं को सरकारी नौकरी नहीं मिलती।

नीति पर पुनर्विचार और पेपर लीक पीड़ित छात्रों को पुनः अवसर देने की मांग।

जनजाति समाज और भूमि अधिकार

भील समाज और अन्य जनजातियों की भूमि, कृषि कनेक्शन और समयबद्ध आवंटन की मांग।

लोक कला और सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा पर जोर।

वन सुरक्षा और डीएनपी

डेजर्ट नेशनल पार्क में टावर, वाहनों और मूलभूत सुविधाओं की कमी।

वन रक्षक और रेंजरों की स्थिति दयनीय, उन्हें मजबूत बनाने की आवश्यकता।

ओरण संरक्षण को राजनीति से ऊपर उठाकर जनभावना के अनुरूप कदम उठाने की अपील।

 बुनियादी ढांचे की मजबूती आवश्यक

भाटी ने कहा कि युवाओं को मजबूत करने, शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को समयबद्ध बनाने, कॉलेजों में पर्याप्त स्टाफ नियुक्त करने और वित्तीय भार कम करने पर जोर देना होगा। उनका संदेश स्पष्ट था: 2047 तक विकसित राजस्थान का सपना केवल तभी पूरा होगा जब आधार मजबूत होगा।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter