बीलौठ गांव में करंट लगने से 25 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलसा, भरतपुर रेफर
भरतपुर के नदबई क्षेत्र के गांव बीलौठ में 25 साल के युवक दीपक को पानी की मोटर चालू करते समय करंट लग गया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसे पहले नदबई अस्पताल और फिर भरतपुर रेफर किया गया।
भरतपुर। भरतपुर जिले के नदबई उपखंड क्षेत्र के गांव बीलौठ में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर में पानी की मोटर चालू करने छत पर गए 25 वर्षीय युवक दीपक पुत्र बालकृष्ण को अचानक तेज करंट लग गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। परिजनों की चीख-पुकार के बीच उसे तुरंत नदबई के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत भरतपुर के राजकीय अस्पताल रेफर कर दिया।
हादसा कैसे हुआ? परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9-10 बजे दीपक अपने घर की छत पर पानी की सबमर्सिबल मोटर चालू करने गया था। जैसे ही उसने मोटर का स्विच ऑन किया, अचानक करंट का जोरदार झटका लगा। करंट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि दीपक जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य और पड़ोसी दौड़े आए।परिजनों ने तुरंत मुख्य स्विच बंद कर बिजली आपूर्ति काटी, लेकिन तब तक दीपक का बड़ा हिस्सा झुलस चुका था। उसके हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे बर्न के निशान थे। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से उसे नदबई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
अस्पताल में हालत गंभीर; नदबई अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि दीपक को करीब 40-50 प्रतिशत बर्न इंजरी हुई है और उसकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर है। ऑक्सीजन लेवल कम होने और बर्न की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात ही एम्बुलेंस से उसे भरतपुर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है।
संभावित कारण; ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि मोटर का स्विच और वायरिंग पुरानी होने के साथ-साथ बारिश के मौसम में नमी के कारण लीकेज हो सकता है। कई घरों में अर्थिंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से इस तरह के हादसे आम हो रहे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही भी इसमें एक बड़ा कारण मानी जा रही है।गांव में मातम का माहौलहादसे की खबर पूरे बीलौठ गांव में आग की तरह फैल गई। दीपक अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य बताया जा रहा है। परिजन अस्पताल में उसकी सलामती की दुआएं मांग रहे हैं। गांव के लोग भी लगातार हालचाल ले रहे हैं।