उदयपुर जिले में सोप स्टोन फैक्ट्री में हादसा: सिर पर पत्थर गिरने से 33 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत, परिवार ने प्रबंधन पर लगाई लापरवाही की मुहर

उदयपुर के मावली क्षेत्र में सोप स्टोन फैक्ट्री में काम कर रही 33 वर्षीय सोवनी बाई के सिर पर भारी पत्थर गिरने से मौत हो गई। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा उपकरण न देने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है।

Nov 26, 2025 - 17:17
उदयपुर जिले में सोप स्टोन फैक्ट्री में हादसा: सिर पर पत्थर गिरने से 33 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत, परिवार ने प्रबंधन पर लगाई लापरवाही की मुहर

उदयपुर, 26 नवंबर 2025: राजस्थान के उदयपुर जिले में एक सोप स्टोन (साबुन पत्थर) फैक्ट्री में दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां काम कर रही एक 33 वर्षीय महिला के सिर पर अचानक भारी पत्थर गिरने से उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। प्राथमिक उपचार के बावजूद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। मृतक महिला के परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का पूरा विवरण;  घटना उदयपुर जिले के मावली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदेसरा गांव के निकट स्थित एक सोप स्टोन फैक्ट्री में दोपहर करीब 2 बजे घटी। मृतक महिला का नाम सोवनी बाई (33 वर्ष) था, जो चंदेसरा गांव की निवासी थी। सोवनी बाई इसी फैक्ट्री में मजदूरी का काम करती थी। फैक्ट्री में सोप स्टोन की खुदाई और कटाई का कार्य चल रहा था, जहां भारी-भरकम पत्थरों को मशीनों से काटा और हिलाया जाता है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोवनी बाई पत्थरों को साफ करने या स्थानांतरित करने के दौरान एक ऊंचाई से भारी पत्थर सरक गया और सीधे उसके सिर पर गिर पड़ा। पत्थर का वजन इतना अधिक था कि सोवनी बाई तुरंत जमीन पर गिर पड़ीं और खून से लथपथ हो गईं। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और तत्काल नजदीकी अनंता हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताते हुए सरकारी एमबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।एमबी अस्पताल पहुंचने के बाद सोवनी बाई को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद, चोट की गंभीरता के कारण करीब 4 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गहरी चोट और आंतरिक रक्तस्राव को मौत का मुख्य कारण बताया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

परिवार का दर्द और आरोप;  सोवनी बाई के पति अशोक गमेती भी उसी फैक्ट्री में काम करते हैं। दंपति के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र क्रमशः 8 और 5 वर्ष है। अशोक ने बताया, "मेरी पत्नी रोज सुबह 7 बजे फैक्ट्री जाती थी और शाम को घर लौटती। आज दोपहर को फोन आया कि हादसा हो गया। वह हमेशा कहती थी कि फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, लेकिन मजबूरी में काम करना पड़ता था।" परिवार के अन्य सदस्यों ने भी प्रबंधन पर आरोप लगाया कि फैक्ट्री में हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। इसके अलावा, पत्थरों को बांधने या मशीनों की नियमित जांच न होने से ऐसा हादसा हुआ।परिजनों ने न सिर्फ मुआवजे की मांग की है, बल्कि फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर धरना शुरू कर दिया और कहा, "यह पहला मामला नहीं है। पहले भी छोटे-मोटे हादसे हुए हैं, लेकिन प्रबंधन ने कभी ध्यान नहीं दिया।" परिवार ने कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा और बच्चों के भविष्य के लिए नौकरी की मांग रखी है।

प्रबंधन और प्रशासन की प्रतिक्रिया;  फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना पर संक्षिप्त बयान जारी कर कहा है कि "हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है और हम परिवार को हर संभव सहायता देंगे।" हालांकि, प्रबंधन ने लापरवाही से इनकार किया है। जिला प्रशासन ने फैक्ट्री का निरीक्षण करने की घोषणा की है। श्रम विभाग की एक टीम भी जांच के लिए रवाना हो चुकी है। उदयपुर के कलेक्टर ने कहा, "ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।"

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.