पति के बाद पत्नी ने भी दी जान: पहले पति ने फांसी लगाई, अब आशा मीणा ने जहर खाकर की आत्महत्या

अलवर के केसरपुर गांव में 40 वर्षीय आशा मीणा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उनके पति घनश्याम मीणा ने एक साल पहले फांसी लगाकर सुसाइड किया था। शादी के बाद पति की शराब और मारपीट से परेशान होकर आशा पीहर में रह रही थीं। पति की मौत के बाद गहरे अवसाद में थीं, इलाज चल रहा था। पिता दिल्ली में रक्षा मंत्रालय में कार्यरत हैं।

Feb 10, 2026 - 13:37
पति के बाद पत्नी ने भी दी जान: पहले पति ने फांसी लगाई, अब आशा मीणा ने जहर खाकर की आत्महत्या

राजस्थान के अलवर जिले में एक दुखद और लगातार घटनाक्रम ने परिवार को दोहरी त्रासदी में झोंक दिया है। सदर थाना क्षेत्र के केसरपुर गांव की रहने वाली 40 वर्षीय आशा मीणा ने जहरीला पदार्थ (जहर) खाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना तब हुई जब उनके पति घनश्याम मीणा की मौत को एक साल भी नहीं हुआ था, जिन्होंने करीब एक साल पहले फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी।

शादीशुदा जीवन में मारपीट और शराब की लत

आशा मीणा का विवाह लगभग 20 वर्ष पहले अलवर शहर के मीणा पाड़ी निवासी घनश्याम मीणा से हुआ था। शादी के शुरुआती दिनों में ही पति घनश्याम शराब की लत में फंस गए थे। वे नियमित रूप से शराब पीते थे और आशा के साथ मारपीट करते थे। इस घरेलू हिंसा और उत्पीड़न से तंग आकर आशा ने शादी के महज एक साल बाद ही अपने पीहर (मायके) में रहना शुरू कर दिया था। तब से वह केसरपुर गांव में अपने माता-पिता के साथ रह रही थीं।

पति की मौत ने बढ़ाया मानसिक अवसाद

करीब एक साल पहले घनश्याम मीणा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने आशा को गहरा सदमा पहुंचाया। वे गंभीर मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चली गईं। परिवार ने उनका इलाज करवाया और वह नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह ले रही थीं। सोमवार को भी आशा अलवर के अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने गई थीं।

जहर खाने के बाद अस्पताल में अंतिम सांस

डॉक्टर से मिलने के बाद आशा ने कहीं से जहरीला पदार्थ खरीद लिया और उसे खा लिया। घर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान सोमवार रात जिला अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिवार का दर्द और पिता की सरकारी नौकरी

आशा के भाई नरेंद्र मीणा ने पूरी घटना के बारे में बताया कि पति की मौत के बाद बहन गहरे अवसाद में थी। उनके पिता धनपाल मीणा दिल्ली में रक्षा मंत्रालय में कार्यरत हैं। परिवार ने आशा की मौत को लेकर अभी तक पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। यह घटना घरेलू कलह, मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा और लगातार आने वाली त्रासदियों का दर्दनाक उदाहरण बन गई है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.