बाड़मेर कृषि मंडी में मिलावटी घी पर शुद्ध आहार अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई: विश्व घी, हर्बल, मैत्री और पंजाब ब्रांड के सैंपल लिए, स्टॉक जब्त
बाड़मेर के कृषि मंडी में स्वास्थ्य विभाग ने "शुद्ध आहार मिलावट पर वार" अभियान के तहत विजय लक्ष्मी ट्रेडिंग पर छापा मारा। विश्व घी, हर्बल, मैत्री और पंजाब ब्रांड के घी में मिलावट के संदेह पर सैंपल लिए गए और स्टॉक जब्त किया गया। सैंपल जोधपुर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं, रिपोर्ट के बाद आगे कार्रवाई होगी।
बाड़मेर, 10 फरवरी 2026 – राजस्थान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा चलाए जा रहे "शुद्ध आहार मिलावट पर वार" अभियान के तहत बाड़मेर स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। सोमवार को कृषि मंडी स्थित विजय लक्ष्मी ट्रेडिंग पर छापेमारी की गई, जहां मिलावट के संदेह में कई लोकप्रिय ब्रांडों के घी के सैंपल लिए गए और संबंधित स्टॉक को जब्त कर लिया गया।
फूड इंस्पेक्टर राजेश जागिड़ ने सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विजय लक्ष्मी ट्रेडिंग के स्टोरेज में पहुंचे। जांच के दौरान विश्व घी, हर्बल, मैत्री और पंजाब ब्रांड के घी के नमूने एकत्र किए गए। इन ब्रांडों के घी में मिलावट होने का प्राथमिक संदेह होने पर चारों ब्रांडों का उपलब्ध स्टॉक मौके पर ही सीज कर दिया गया।
सैंपल को जांच के लिए जोधपुर स्थित लैबोरेट्री में भेज दिया गया है। फूड इंस्पेक्टर राजेश जागिड़ ने बताया कि रिपोर्ट सामान्यतः 14 दिनों के अंदर आ जाती है। रिपोर्ट आने के बाद यदि घी मिलावटी पाया जाता है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 46 के तहत नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त टी. शुभ मंगला के निर्देश पर "शुद्ध आहार मिलावट पर वार" अभियान के अंतर्गत की गई है। विभाग लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रहा है, जहां सस्ते दामों में नकली या मिलावटी घी बाजार में बेचा जा रहा है। इससे पहले भी बाड़मेर में कई खाद्य सामग्रियों के सैंपल जांच में फेल हो चुके हैं, जिनके खिलाफ सक्षम न्यायालय द्वारा जुर्माना लगाया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस अभियान को जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, और मिलावटखोरों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।