उदयपुर में सुबह 5 बजे निगम का एक्शन मोड: 8 इलाकों में छापेमारी, 20 संपत्तियों पर ताला
उदयपुर में नगर निगम ने रविवार सुबह 5 बजे ‘मिशन रिकवरी’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 लाख रुपये के बकाया पर 20 कमर्शियल प्रॉपर्टीज को सीज कर दिया, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
उदयपुर: झीलों की नगरी उदयपुर में रविवार की सुबह उस वक्त हलचल मच गई, जब पूरा शहर गहरी नींद में था और नगर निगम की टीमें ‘मिशन रिकवरी’ पर निकल चुकी थीं। सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई ने टैक्स डिफॉल्टरों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
नगर निगम कमिश्नर अभिषेक खन्ना के निर्देश पर तीन अलग-अलग टीमों ने शहर के 8 इलाकों को एक साथ घेरते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की। देखते ही देखते 20 कमर्शियल प्रॉपर्टीज को सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि जब तक प्रॉपर्टी मालिकों को इसकी भनक लगती, उनके शोरूम और दुकानों पर निगम की सील लग चुकी थी।
एक घंटे में पूरा ऑपरेशन
नगर निगम की इस कार्रवाई की खास बात इसकी तेजी रही। महज एक घंटे के भीतर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दे दिया गया। जिन संपत्तियों पर कार्रवाई हुई, उन पर करीब 90 लाख रुपये का टैक्स बकाया था। निगम ने पहले ही इन डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन समय पर भुगतान नहीं करने पर अब सख्त कदम उठाया गया।
8 इलाकों में एक साथ घेरा
कार्रवाई को सफल बनाने के लिए निगम ने रणनीति के तहत शहर के अलग-अलग 8 क्षेत्रों में एक साथ टीमें भेजीं। इससे डिफॉल्टरों को कोई तैयारी या बचाव का मौका नहीं मिला। इस समन्वित ऑपरेशन ने पूरे शहर में प्रशासन की सख्ती का संदेश दे दिया।
‘या टैक्स दो या सील झेलो’
नगर निगम का रुख इस बार पूरी तरह सख्त नजर आया। अधिकारियों का साफ कहना है कि शहर के विकास के लिए टैक्स जरूरी है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मार्च के अंतिम दिनों में निगम अपने राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए फुल एक्शन मोड में है।
व्यापारियों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारियों और प्रॉपर्टी मालिकों में हड़कंप मच गया है। कई लोग अब बकाया टैक्स जमा कराने के लिए निगम कार्यालय का रुख कर रहे हैं, ताकि उनके प्रतिष्ठानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई न हो।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। जिन डिफॉल्टरों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ भी जल्द ही इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रविवार की शांत सुबह में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि उदयपुर नगर निगम अब राजस्व वसूली को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगा। ‘मिशन रिकवरी’ के तहत आने वाले दिनों में और भी बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।