घोड़ी पर सवार दुल्हन आखिर क्यों पहुंची कलेक्ट्रेट? बिंदोली विवाद के बाद ऐसे भड़का मामला कि मच गया बवाल
बिंदोली के दौरान हुए विवाद ने ऐसा मोड़ लिया कि दुल्हन खुद घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गई। आखिर उस दिन गांव में ऐसा क्या हुआ था कि मामला मारपीट से लेकर बड़े प्रदर्शन तक पहुंच गया पूरा घटनाक्रम अब सवालों के घेरे में है।
राजस्थान के उदयपुर जिले में एक अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दुल्हन ने अपनी बिंदोली रोके जाने और उसके दौरान हुई मारपीट के विरोध में कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह मामला डबोक क्षेत्र के हरियाव गांव का है, जहां मेघवाल समाज की एक दुल्हन पूजा मेघवाल की बिंदोली 29 अप्रैल को निकाली जा रही थी। लेकिन इसी दौरान बिंदोली में शामिल लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते गंभीर विवाद में बदल गई।
बिंदोली के दौरान विवाद और मारपीट
आरोप है कि बिंदोली के दौरान स्वर्ण समाज और मेघवाल समाज के कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हुआ। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दुल्हन को घोड़ी से नीचे उतार दिया गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद मारपीट की घटना भी सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज किया गया, लेकिन इसके बावजूद समाज में आक्रोश लगातार बढ़ता गया।
घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंची दुल्हन
घटना के विरोध में गुरुवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। समाज के लोग और भीम आर्मी के कार्यकर्ता टाउन हॉल में एकत्र हुए, जहां से दुल्हन को दोबारा घोड़ी पर बिठाया गया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला गया और शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शन ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि बिंदोली विवाद में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।दुल्हन पूजा मेघवाल और समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 12 में से सिर्फ 4 आरोपियों को ही गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी आरोपी अब भी फरार हैं।
कार्रवाई की मांग तेज
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि समाज की परंपराओं और सम्मान पर हमला है। इसलिए सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई जरूरी है। उदयपुर का यह मामला अब सिर्फ एक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक सम्मान और न्याय की मांग का बड़ा मुद्दा बन चुका है। घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंची दुल्हन का यह विरोध पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।