जयपुर के हॉस्पिटल में आखिर ऐसा क्या हुआ कि युवती पहुंची थाने? शादी का झांसा, वीडियो और ब्लैकमेलिंग के आरोपों से बढ़ी हलचल
जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल से जुड़ा मामला अब सुर्खियों में है। युवती ने कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पहले भरोसा जीता गया, फिर वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया जाता रहा। FIR दर्ज होने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
राजधानी जयपुर में एक निजी हॉस्पिटल से जुड़ा बेहद गंभीर मामला सामने आया है। शहर के विद्याधर नगर थाना क्षेत्र में एक 21 वर्षीय युवती ने हॉस्पिटल में कार्यरत कर्मचारी पर रेप, ब्लैकमेलिंग और जातिसूचक अपमान के आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के अनुसार वह जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल में केयर टेकर के रूप में काम करती थी। इसी दौरान उसकी पहचान हॉस्पिटल में कार्यरत सुरेंद्र धायल नामक कर्मचारी से हुई। शुरुआत में आरोपी ने दोस्ती बढ़ाई और भरोसा जीतने की कोशिश की।
बेसमेंट में ले जाकर दुष्कर्म का आरोप
FIR में युवती ने आरोप लगाया है कि 8 फरवरी 2026 को आरोपी उसे हॉस्पिटल के बेसमेंट में ले गया, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया। इसके बाद आरोपी लगातार उसके संपर्क में रहा और कथित तौर पर उसका मानसिक दबाव बनाता रहा।
अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो और फोटो बना लिए थे। आरोप है कि इन्हें वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती का कहना है कि आरोपी लगातार उसे ब्लैकमेल करता रहा और यदि उसने किसी को कुछ बताया तो नौकरी से निकलवाने और बदनाम करने की धमकी देता था।
जातिसूचक अपमान का भी आरोप
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने युवती को जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। इसी कारण मामला एससी-एसटी एक्ट के तहत भी दर्ज किया गया है। पीड़िता ने बताया कि डर, बदनामी और मानसिक दबाव की वजह से वह लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा सकी। बाद में जब उसने पूरी बात अपने परिजनों को बताई, तब परिवार के साथ थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस जांच शुरू
विद्याधर नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 74, 64(1), 351(3) सहित एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच ACP स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।