उदयपुर में लेपर्ड की दहशत: 18 घंटे में अलग-अलग जगहों पर नजर आए दो तेंदुए, CCTV में कैद हुई मूवमेंट, वन विभाग अलर्ट
उदयपुर शहर के आबादी वाले इलाकों में तेंदुए की हलचल से दहशत फैली हुई है। पहले कृष्णपुरा कॉलोनी में एक तेंदुआ घर में घुसा, जिसे वन विभाग ने रेस्क्यू किया। इसके बाद 18 घंटे के अंदर अशोक नगर और न्यू भूपालपुरा में अलग-अलग तेंदुए CCTV और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा देखे गए। आयड़ नदी के रास्ते आने की आशंका जताई जा रही है, वन विभाग की टीम सतर्क है और तलाश जारी है।
उदयपुर शहर, जो अपनी झीलों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है, इन दिनों जंगली तेंदुए की हलचल से दहशत के साए में है। मात्र दो दिनों के अंतराल में शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में तेंदुए की घुसपैठ ने लोगों की नींद उड़ा दी है। पहले गुरुवार को भूपालपुरा की कृष्णपुरा कॉलोनी में एक तेंदुआ घर में घुस आया था, जिसे वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। लेकिन इसके ठीक बाद, आयड़ नदी के दोनों किनारों पर स्थित कॉलोनियों में फिर से तेंदुए की मूवमेंट देखी गई। महज 18 घंटों के भीतर अलग-अलग स्थानों पर दो तेंदुओं के नजर आने से स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है, मानो जंगल शहर की सड़कों पर उतर आया हो।
पहले रेस्क्यू: कृष्णपुरा कॉलोनी में घुसा तेंदुआ घटना की शुरुआत हुई गुरुवार सुबह से, जब भूपालपुरा क्षेत्र की कृष्णपुरा कॉलोनी में एक तेंदुआ कूदकर एक घर के अंदर घुस गया। तेंदुए ने छलांग लगाते हुए बाहर निकलकर सामने वाले घर में प्रवेश किया और अपनी लोकेशन तीन बार बदली। कॉलोनीवासियों ने सुबह 5 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक करीब साढ़े आठ घंटे दहशत में गुजारे। वन विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह इलाका आयड़ नदी के किनारे स्थित है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ नदी के रास्ते शहर में घुसा था।रेस्क्यू के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह शांति ज्यादा देर नहीं टिकी।
पहली नई साइटिंग: अशोक नगर में CCTV में कैद तेंदुआ रेस्क्यू के अगले दिन, 18 दिसंबर की रात करीब 1:57 बजे, पड़ोसी अशोक नगर की पॉश कॉलोनी की रोड नंबर 10 पर एक तेंदुआ मुख्य सड़क से गुजरता हुआ दिखाई दिया। यह पूरी घटना घर के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। उस समय गली में कुत्ते जोर-जोर से भौंक रहे थे, जिससे इलाके में शोर मच गया।अशोक नगर निवासी लवीना ने बताया कि रात को घर के बाहर कुत्तों का असामान्य शोर सुनाई दिया। आमतौर पर ऐसा नहीं होता, इसलिए उन्होंने सुबह CCTV फुटेज चेक किया। फुटेज में साफ दिख रहा था कि एक तेंदुआ सड़क पर चल रहा था, कुत्ते उसके पीछे भौंक रहे थे। तेंदुआ थोड़ा आगे बढ़ा, फिर मुड़कर वापस चला गया। इस घटना से कॉलोनी में दहशत फैल गई।
दूसरी साइटिंग: न्यू भूपालपुरा में होटल के पास दिखा दूसरा तेंदुआ इसके महज 18 घंटे बाद, शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे के करीब, न्यू भूपालपुरा में 100 फीट मुख्य सड़क से सटे एक होटल के पीछे वाली कॉलोनी में दूसरा तेंदुआ नजर आया। यह इलाका खेतों और घनी आबादी से घिरा हुआ है। पूर्व पार्षद नानालाल वया के अनुसार, हिम्मत माली नाम के व्यक्ति ने सबसे पहले तेंदुए को देखा और जोर से शोर मचाया।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रात में मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पूरे इलाके की गहन तलाशी ली, लेकिन तेंदुआ कहीं नहीं मिला। सुरक्षा के मद्देनजर हथियारों से लैस टीम ने टॉर्च की रोशनी में कई जगहों पर खोजबीन की, मगर कोई सुराग नहीं लगा। सुखेर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और इलाके में गश्त बढ़ा दी।
आयड़ नदी के दोनों किनारों पर खतरा ये सभी इलाके – कृष्णपुरा, अशोक नगर और न्यू भूपालपुरा – आयड़ नदी के आसपास या दोनों किनारों पर स्थित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेंदुए संभवतः नदी के कॉरिडोर का इस्तेमाल कर शहर में घुस रहे हैं। आसपास के जंगलों से भटककर आए ये जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बन रही है।
वन विभाग अलर्ट, लोगों से अपील वन विभाग की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि रात में अनावश्यक बाहर न निकलें, बच्चों पर विशेष नजर रखें और किसी संदिग्ध मूवमेंट पर तुरंत सूचना दें। फिलहाल तेंदुओं की तलाश जारी है, और कैमरे ट्रैप्स लगाने की तैयारी की जा रही है। उदयपुर जैसे पर्यटन शहर में ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। लोगों का कहना है कि जंगल और शहर की सीमाएं धुंधली हो रही हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। उम्मीद है कि वन विभाग जल्द ही स्थिति को नियंत्रित कर लेगा और शहरवासी फिर से निश्चिंत हो सकेंगे।