सीकर के शराब माफिया अनिल पांड्या की दुबई में गिरफ्तारी: चाय की दुकान छोड़ अपराध की दुनिया में कदम, गुजरात ATS के इनपुट पर पकड़ा गया
सीकर जिले के अनिल पांड्या, जो चाय की दुकान छोड़कर गुजरात में बड़ा शराब तस्करी नेटवर्क चला रहा था, दुबई में गुजरात एटीएस के इनपुट पर गिरफ्तार हो गया। उसके खिलाफ राजस्थान में 39 मुकदमे दर्ज हैं। हरियाणा से शराब राजस्थान के रास्ते गुजरात पहुंचाकर मोटा मुनाफा कमाता था। भारत लाने की प्रक्रिया शुरू, NIA ने भी 2023 में उसके घर छापा मारा था।
राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर तहसील के गांव खाजी का बास रूपनगर निवासी अनिल पांड्या, जो गुजरात में शराब तस्करी का बड़ा माफिया बन चुका था, अब दुबई में गिरफ्तार हो गया है। गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के इनपुट पर दुबई पुलिस ने उसे पकड़ा है। भारत सरकार ने अब उसे प्रत्यर्पण (extradition) की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उसे जल्द भारत लाया जा सके और यहां लंबित मामलों में न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
अपराध की दुनिया में प्रवेश: चाय बेचने से शराब तस्करी तक का सफर
अनिल पांड्या की शुरुआत बहुत मामूली थी। वह गांव में चाय की दुकान पर काम करता था। लेकिन उसकी सनकी स्वभाव के कारण उसने ईमानदार काम छोड़ दिया और अपराध की राह पकड़ ली। साल 2012 में फतेहपुर में बिरजू ठेकेदार की हत्या के मामले में उसका नाम पहली बार सामने आया। इस केस में उसकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन वह सांचौर जेल से अपने साथियों के साथ फरार हो गया।फरारी के दौरान अनिल पांड्या बड़े शराब माफियाओं के संपर्क में आ गया। इसी से उसने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में शराब तस्करी का विशाल नेटवर्क खड़ा किया। पिछले लगभग दो दशकों से वह इस गैरकानूनी धंधे में लिप्त है। शराब तस्करी के साथ-साथ उसने जमीनों पर अवैध कब्जे भी किए हैं।
गुजरात में शराबबंदी के बावजूद बड़ा नेटवर्क
गुजरात में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अनिल पांड्या ने वहां अवैध शराब की सप्लाई का मजबूत नेटवर्क बनाया। हरियाणा से सस्ती शराब खरीदकर राजस्थान के रास्ते गुजरात पहुंचाई जाती थी। वहां इसे प्रिंट रेट (कानूनी मूल्य) से दोगुनी या उससे अधिक कीमत पर बेचा जाता था, जिससे मोटा मुनाफा कमाया जाता था।
अनिल पांड्या का यह गिरोह कई अन्य माफियाओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें जगदीश प्रसाद और तौफीक नजीर खान जैसे नाम शामिल हैं। तौफीक के जरिए ही वह अपना नेटवर्क संचालित करता था। गौरतलब है कि पिछले साल तौफीक को भी दुबई में गिरफ्तार किया गया था और उसे भारत लाया गया।
पुलिस के रडार पर लंबे समय से, NIA की छापेमारी भी
अनिल पांड्या लंबे समय से गुजरात पुलिस, ATS और अन्य एजेंसियों के रडार पर था। साल 2022 के बाद वह दुबई फरार हो गया था, लेकिन वहां से ही अपने गिरोह को कंट्रोल करता रहा। 2023 में NIA ने उसके घर पर छापेमारी की थी, जिसमें कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए थे।
सीकर पुलिस ने भी उसके खिलाफ कई कार्रवाई की हैं। उस पर सीकर जिले में अकेले 39 मुकदमे दर्ज हैं। गुजरात, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी शराब तस्करी के दर्जनों मामले चल रहे हैं। सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस (Look Out Notice) जारी था, जिसके आधार पर गुजरात ATS के इनपुट पर दुबई में गिरफ्तारी हुई।
करोड़ों की कमाई और जब्ती
अनिल पांड्या ने शराब तस्करी से करोड़ों रुपये कमाए हैं। 2022 में उसने अपने गांव में करीब 80 लाख रुपये का मकान बनवाया था। उसके गिरोह की हर दिन करोड़ों की शराब तस्करी होती थी।10 महीने पहले सीकर पुलिस ने उसके गिरोह की करीब 1 करोड़ रुपये की शराब जब्त की थी, जो सीमेंट रोलर की आड़ में हरियाणा से गुजरात ले जाई जा रही थी। गुजरात पुलिस ने भी कई बार उसके गिरोह की गाड़ियां और शराब पकड़ी है।