जैसलमेर के सुनहरे रेत के टीलों में गूंजी सुपरकारों की दहाड़: 'द डेजर्ट स्ट्रॉम' इवेंट शुरू, लैंबोर्गिनी रेवुएल्टो समेत 14 लग्जरी कारें पहुंचीं; माधुरी दीक्षित के पति की पूर्व कार भी शामिल
जैसलमेर के रेगिस्तान में 'द डेजर्ट स्ट्रॉम' सुपरकार इवेंट शुरू, जिसमें 14 लग्जरी कारें शामिल हैं। सबसे महंगी लैंबोर्गिनी रेवुएल्टो (13 करोड़) ढाई सेकंड में 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ती है। माधुरी दीक्षित के पति डॉ. नेने की पूर्व पोर्शे कार भी शामिल। मुंबई के जैन रईस द्वारा आयोजित 4 दिवसीय टूर में मुंबई, पुणे, गुजरात के उद्यमी भाग ले रहे हैं, जो जैसलमेर के किले, हवेली और धोरों को प्रमोट कर रहा है।
जैसलमेर, राजस्थान के थार रेगिस्तान में शुक्रवार से एक अनोखा और रोमांचक इवेंट 'द डेजर्ट स्ट्रॉम' (The Desert Storm) शुरू हो गया है। यह चार दिनों तक चलने वाला सुपरकार टूर है, जिसमें देश की कुछ सबसे महंगी और शक्तिशाली लग्जरी कारें रेगिस्तानी धोरों, किलों और हवेलियों के बीच दौड़ रही हैं। इस इवेंट में कुल 14 सुपर लग्जरी कारें शामिल हैं, जिनकी कीमत 2.5 करोड़ रुपये से शुरू होकर 13 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।
इस काफिले का सबसे बड़ा आकर्षण लैंबोर्गिनी रेवुएल्टो (Lamborghini Revuelto) है, जो भारत में उपलब्ध सबसे महंगी और शक्तिशाली लैंबोर्गिनी मॉडलों में से एक है। इस कार की अनुमानित कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है और दावा किया जा रहा है कि पूरे देश में इस मॉडल की सिर्फ दो कारें ही हैं। यह हाइब्रिड सुपर स्पोर्ट्स कार मात्र ढाई सेकंड (2.5 सेकंड) में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है, जबकि इसकी टॉप स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक है। इस कार को ओमान के एनआरआई फाहिम शेख और सानिया शेख ड्राइव कर रहे हैं।
इवेंट में शामिल अन्य लग्जरी कारों में पोर्शे, जगुआर, बीएमडब्ल्यू जैसी ब्रांड्स की गाड़ियां हैं। खास बात यह है कि इसमें वह पोर्शे कार भी शामिल है, जो कभी बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के पति डॉ. श्रीराम नेने की थी। अब इसे एक नए मालिक ने इस इवेंट के लिए लाया है, जो इस सफर को और भी खास बना रहा है।
इवेंट का आयोजन और उद्देश्य
यह इवेंट मुंबई के 43 वर्षीय इवेंट कंपनी मालिक जैन रईस द्वारा आयोजित किया जा रहा है। जैन रईस फैशन इंडस्ट्री से भी जुड़े हैं और उन्होंने 2019 में अपनी पहली लग्जरी कार पोर्शे खरीदने के बाद इस आइडिया को जन्म दिया। उनका मानना है कि सुपरकारों को सिर्फ शहरों की सड़कों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इन्हें भारत के खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण पर्यटन स्थलों पर ले जाकर देश की सैरगाहों को दुनिया के सामने प्रमोट किया जाए।
इस इवेंट की शुरुआत 2019 में हुई थी और 2025 में उन्होंने 'द सुपर कार रूट' की शुरुआत की। आज उनके ग्रुप में 150 से अधिक सदस्य हैं। पहले भी वे हिमाचल प्रदेश, सतारा के कास पठार और सिक्किम के गंगटोक जैसी दुर्गम जगहों पर सुपरकारों को ले जा चुके हैं। इस बार जैसलमेर को चुना गया क्योंकि यहां का रेगिस्तानी माहौल और परिस्थितियां इन कारों के लिए एक असली चुनौती हैं।
जैन रईस कहते हैं, "हम केवल कारें नहीं चलाते, बल्कि भारत की खूबसूरती को दुनिया को दिखाते हैं। जैसलमेर की विरासत, सुनहरे धोरे और ऐतिहासिक स्थल इन कारों के साथ जब सोशल मीडिया पर जाते हैं, तो पूरी दुनिया की नजरें यहां टिक जाती हैं।"
टूर का विवरण और भागीदारी
यह चार दिवसीय टूर है, जिसमें कुल 33 सदस्य शामिल हैं—28 प्रतिभागी और 5 क्रू मेंबर। ज्यादातर सदस्य मुंबई, पुणे और गुजरात के बड़े उद्यमी हैं। काफिला जैसलमेर के प्रसिद्ध स्थलों जैसे जैसलमेर किला, विभिन्न हवेलियां, सम सैंड ड्यून्स और रेगिस्तानी कैंपों में जाएगा।
स्थानीय स्तर पर इस आयोजन को खुहड़ी डेजर्ट ट्रेल्स के सवाई सिंह सत्तो द्वारा सपोर्ट किया जा रहा है। उनका कहना है कि उद्देश्य जैसलमेर के पर्यटन को बढ़ावा देना है। जब ये महंगी कारें यहां घूमेंगी, वीडियो और फोटो बनेंगे, तो जैसलमेर के अलग-अलग पर्यटन स्थलों का प्रचार होगा और पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी।