थाईलैंड में 300 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: हाई याट में 24 घंटे में 335 मिमी बारिश, 10 प्रांतों में भयंकर बाढ़ का कहर

थाईलैंड के दक्षिणी हिस्से में भारी मानसून के कारण 300 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। हाई याट में 21 नवंबर को 24 घंटे में 335 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिससे 10 प्रांतों में भीषण बाढ़ आ गई। लाखों लोग प्रभावित, हजारों घर डूबे और पर्यटक फंसे हुए हैं।

Nov 24, 2025 - 18:30
थाईलैंड में 300 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: हाई याट में 24 घंटे में 335 मिमी बारिश, 10 प्रांतों में भयंकर बाढ़ का कहर

बैंकॉक/हाई याट, 24 नवंबर 2025: थाईलैंड के दक्षिणी हिस्से में मानसून की मार ने एक ऐतिहासिक आपदा को जन्म दे दिया है। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश ने न केवल 300 साल पुराना वर्षा रिकॉर्ड तोड़ दिया, बल्कि 10 प्रांतों में व्यापक बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। सबसे ज्यादा प्रभावित सोंगखला प्रांत के हाई याट शहर में 21 नवंबर को मात्र 24 घंटों में 335 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र के इतिहास की सबसे भारी एकल दिवसीय वर्षा है। इस आपदा ने लाखों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है, जिसमें हजारों पर्यटक भी फंस गए हैं। रॉयल इरिगेशन डिपार्टमेंट (आरआईडी) और थाईलैंड मौसम विभाग के अनुसार, यह सब एक शक्तिशाली मानसून ट्रफ और लो प्रेशर सिस्टम के कारण हुआ, जो 19 नवंबर से सक्रिय है।

कारण: मानसून ट्रफ और ला नीना का घातक संयोजन थाईलैंड के स्मार्ट वाटर ऑपरेशन सेंटर (एसडब्ल्यूओसी) ने स्पष्ट किया कि दक्षिणी और निचले दक्षिणी क्षेत्रों पर 19 नवंबर से छाए मानसून ट्रफ और लो प्रेशर सेल ने भारी से अति भारी वर्षा को जन्म दिया। यह सिस्टम चुम्फोन से नीचे के इलाकों में सक्रिय रहा, जिससे कई जगहों पर 24 घंटों में 300 से 500 मिमी तक बारिश हुई। प्रिंस ऑफ सोंगखला यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सोम्पॉर्न चुयारी ने बीबीसी थाई को बताया, "इस साल की बाढ़ 2000 की बाढ़ से अलग है। खाओ को हॉन्ग पहाड़ियों से आने वाला पानी आर.1 डायवर्शन कैनाल में नहीं जाता, जिससे शहर में बाढ़ तेजी से फैल गई।" इसके अलावा, चीन से आ रही हाई प्रेशर सिस्टम और ला नीना की स्थिति ने वर्षा को और तीव्र बना दिया। तीन दिनों (19-21 नवंबर) में हाई याट में कुल 630 मिमी बारिश हुई, जो 2010 की ऐतिहासिक बाढ़ के 428 मिमी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, यह ट्रफ 23-25 नवंबर तक सक्रिय रहेगी, लेकिन उसके बाद एंडामन सागर की ओर खिसक सकती है, जिससे वर्षा में कमी आ सकती है।

प्रभावित क्षेत्र: 10 प्रांत डूबे, हाई याट में सबसे ज्यादा तबाही यह बाढ़ थाईलैंड के दक्षिणी 10 प्रांतों—चुम्फोन, सूरत थानी, नखोन सि थम्मारत, सतुन, सोंगखला, फत्तलुंग, त्रांग, नरथिवात, पट्टानी और याला—में फैल गई है। सोंगखला प्रांत के सभी 16 जिलों में बाढ़ का पानी घुस आया है, जिसमें हाई याट सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां बाढ़ का स्तर 0.5 से 2.5 मीटर तक पहुंच गया, जिससे शहर के सभी 10 उप-जिलों और 92 गांवों में 15,000 से ज्यादा परिवार (लगभग 50,000 लोग) प्रभावित हुए हैं। हाई याट को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है, और रेड जोन (खतरे का उच्च स्तर) चिह्नित किया गया है। शहर के व्यावसायिक केंद्रों, जैसे पेचकासेम रोड और होटल क्षेत्रों में पानी भर गया, जहां मलेशियाई पर्यटक और एक राष्ट्रीय बिजनेस कॉन्फ्रेंस के प्रतिभागी फंस गए। होटल एसोसिएशन के अनुसार, मुख्य आर्थिक जिले में पानी की ऊंचाई 40-60 सेंटीमीटर तक पहुंच गई। कुल मिलाकर, 4.65 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि जीआईएसटीडीए (जियो-इनफॉर्मेटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी) के सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि 6 प्रांतों में 228,000 राई (लगभग 36,000 हेक्टेयर) क्षेत्र जलमग्न हो गया है। पिछले तीन दिनों में हाई याट में कुल 544 मिमी बारिश हुई, जिसने ड्रेनेज सिस्टम को ओवरलोड कर दिया। ख्लोंग रियान और ख्लोंग सम सिप मेट चैनलों से पानी छोड़ा गया, लेकिन बाढ़ रुकने का नाम नहीं ले रही। नरथिवात से फत्तलुंग तक बड़े इलाके पानी में डूबे हैं, और सड़कें नावों से ही पार की जा रही हैं।

नुकसान और मानवीय प्रभाव: लाखों फंसे, अर्थव्यवस्था पर चोट यह बाढ़ न केवल आवासों को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि कृषि, व्यापार और पर्यटन को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है। हाई याट, जो दक्षिण थाईलैंड का प्रमुख आर्थिक केंद्र है, में सैकड़ों दुकानें और घर जलमग्न हो गए। पर्यटकों को ऊपरी मंजिलों पर शरण लेनी पड़ी, जबकि स्थानीय निवासी पानी से भरे रास्तों पर चलने को मजबूर हैं। वीडियो फुटेज में लोग कमर तक पानी में चलते और वाहनों को ऊंचे स्थानों पर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। प्रभावित लोगों की संख्या 2 मिलियन के करीब पहुंच गई है, जिसमें 103 समुदायों से निकासी की गई। बाढ़ से फसलें बर्बाद हो गईं, और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची। हाई याट म्यूनिसिपल मेयर नरोंगपॉर्न ना फत्तलुंग ने 21 नवंबर रात 10 बजे आपदा घोषणा जारी की, जिसमें 65 समुदायों को कवर किया गया।

सरकारी प्रतिक्रिया: निकासी और राहत कार्य तेज थाईलैंड सरकार ने तत्काल कदम उठाए हैं। सोंगखला के गवर्नर रत्तासर्त चिदचू ने प्रांतीय आपदा कमांड सेंटर की बैठक बुलाई, और हाई याट में फ्रंट इंसिडेंट कमांड सेंटर स्थापित किया गया। आरआईडी ने 32 वाटर पंप और 14 वाटर-प्रोपल्शन मशीनें तैनात की हैं ताकि सबसे प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकाला जा सके। आर.1 डायवर्शन कैनाल ने 1,200 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की क्षमता से पानी को कम किया, अन्यथा स्थिति और खराब हो सकती थी। प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीरकुल ने कहा, "दक्षिणी प्रांतों में प्रतिक्रिया योजनाएं तैयार हैं, और समर्थन प्रदान किया जाएगा।" निकासी अभियान चल रहे हैं, लेकिन वाहनों की कमी से कुछ लोग घरों में ही फंसे हैं। अधिकारियों ने हाई-रिस्क क्षेत्रों—जैसे हाई याट, ना मॉम, रत्तापुम और रानोट—में रहने वालों को अलर्ट जारी किया है। यदि नई भारी बारिश न हुई, तो 3-5 दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 2010 की बाढ़ से भी बदतर यह बाढ़ 2010 की हाई याट बाढ़ से कहीं ज्यादा विनाशकारी है, जब तीन दिनों में 428 मिमी बारिश हुई थी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। दक्षिण पूर्वी मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि 25 नवंबर तक वर्षा जारी रह सकती है, इसलिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।