पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन PIA के निजीकरण की नीलामी: विस्तृत रिपोर्ट

पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन पीआईए (Pakistan International Airlines) के निजीकरण की नीलामी 23 दिसंबर 2025 को इस्लामाबाद में लाइव प्रसारित हुई। तीन दावेदारों ने सीलबंद बोलियां जमा कीं: आरिफ हबीब कंसोर्टियम ने 115 अरब पाकिस्तानी रुपये (सबसे ऊंची), लकी सीमेंट कंसोर्टियम ने 101.5 अरब रुपये और एयरब्लू ने 26.5 अरब रुपये की बोली लगाई। सरकार का रेफरेंस प्राइस 100 अरब रुपये था। चूंकि दो बोलियां इससे ऊपर थीं, इसलिए ओपन बिडिंग राउंड शुरू हुआ, जिसमें बेस प्राइस 115 अरब रुपये रखा गया। यह नीलामी आईएमएफ की शर्तों के तहत हो रही है, ताकि घाटे में चल रही पीआईए को निजी हाथों में सौंपा जा सके। सरकार 75% हिस्सेदारी बेच रही है, जिसमें ज्यादातर राशि एयरलाइन के पुनरुद्धार में लगेगी।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 23, 2025 • 7:17 PM  18
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पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन PIA के निजीकरण की नीलामी: विस्तृत रिपोर्ट

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA), जो देश की राष्ट्रीय ध्वजवाहक एयरलाइन है, लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की शर्तों के तहत पाकिस्तान सरकार PIA का निजीकरण कर रही है। यह पाकिस्तान की दो दशकों में पहली बड़ी निजीकरण प्रक्रिया है। 23 दिसंबर 2025 को इस्लामाबाद में नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से टीवी पर लाइव प्रसारित की गई।

नीलामी की प्रक्रिया और बोलियां नीलामी दो चरणों में हुई: सीलबंद बोली (क्लोज्ड बिडिंग): तीन प्री-क्वालीफाइड दावेदारों ने सुबह सीलबंद लिफाफों में अपनी बोलियां जमा कीं। ये दावेदार थे:आरिफ हबीब कॉरपोरेशन लीड वाला कंसोर्टियम (जिसमें फातिमा फर्टिलाइजर, सिटी स्कूल्स और लेक सिटी होल्डिंग्स शामिल हैं)।लकी सीमेंट लीड वाला कंसोर्टियम (जिसमें हब पावर होल्डिंग्स, कोहाट सीमेंट और मेट्रो वेंचर्स शामिल हैं)।प्राइवेट एयरलाइन एयरब्लू लिमिटेड।प्राइवेटाइजेशन कमीशन बोर्ड और कैबिनेट कमेटी ऑन प्राइवेटाइजेशन (CCoP) द्वारा तय रेफरेंस प्राइस 100 अरब पाकिस्तानी रुपये (लगभग 3000 करोड़ भारतीय रुपये) था।

खोली गई बोलियां: आरिफ हबीब ग्रुप: 115 अरब रुपये (सबसे ऊंची बोली)।लकी सीमेंट ग्रुप: 101.5 अरब रुपये।एयरब्लू: 26.5 अरब रुपये (रेफरेंस प्राइस से काफी कम)।ओपन बिडिंग राउंड: चूंकि दो बोलियां (आरिफ हबीब और लकी सीमेंट) रेफरेंस प्राइस से ऊपर थीं, इसलिए ओपन ऑक्शन शुरू हुआ। एयरब्लू इस चरण से बाहर हो गई। 30 मिनट का ब्रेक लिया गया, ताकि शीर्ष दो दावेदार परामर्श कर सकें। (उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया जारी थी, लेकिन आरिफ हबीब की बोली सबसे आगे थी।)सरकार PIA की 75% हिस्सेदारी बेच रही है, जबकि 25% अपने पास रखेगी। अगर खरीदार चाहे तो अतिरिक्त हिस्से के लिए 15% प्रीमियम देकर 100% तक खरीद सकता है। बोली राशि का 92.5% हिस्सा सीधे PIA को जाएगा, जबकि केवल 7.5% सरकारी खजाने में।

PIA की वित्तीय स्थिति और सुधार PIA कई दशकों से घाटे में चल रही है:भारी कर्ज का बोझ (सरकार ने ज्यादातर पुराना कर्ज अपने ऊपर ले लिया)।राजनीतिक हस्तक्षेप, ओवरस्टाफिंग और मिसमैनेजमेंट के कारण सालाना 50-60 अरब रुपये का घाटा।2020 में फेक पायलट लाइसेंस घोटाले के बाद ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने उड़ान प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे प्रमुख रूट्स बंद हो गए और अरबों का नुकसान हुआ।

हाल के सुधार: करीब 20-21 साल बाद 2024 में पहली बार प्री-टैक्स मुनाफा दर्ज किया।ब्रिटेन और EU ने 2024-2025 में प्रतिबंध हटा दिया, जिससे यूरोपियन रूट्स फिर शुरू हो सकेंगे और कमाई बढ़ने की उम्मीद।सरकार ने बैलेंस शीट साफ की, नॉन-कोर एसेट्स अलग किए और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए टैक्स राहतें दीं।

अन्य महत्वपूर्ण शर्तें जीतने वाली कंपनी को पूर्ण मैनेजमेंट कंट्रोल मिलेगा।हारने वाली कंपनियां भविष्य में PIA मैनेजमेंट में शामिल नहीं हो सकेंगी।नए मालिक को कर्मचारियों को कम से कम 12 महीने की नौकरी गारंटी देनी होगी।पेंशन और रिटायरमेंट लाभ सरकार संभालेगी, जबकि वर्तमान वेतन और सुविधाएं नए मालिक की जिम्मेदारी।PIA का नाम और ब्रांडिंग बरकरार रहेगा।

पृष्ठभूमि: IMF का दबाव और पिछले प्रयास पाकिस्तान 1958 से अब तक IMF से 20 से ज्यादा बार लोन ले चुका है। वर्तमान आर्थिक संकट में विदेशी कर्ज 130 अरब डॉलर से ज्यादा, मुद्रा भंडार केवल 2 महीने के आयात के बराबर। IMF की शर्तों में घाटे वाली सरकारी कंपनियों का निजीकरण शामिल है।पिछले साल (2024) नीलामी फेल हो गई थी, क्योंकि केवल एक कम बोली आई थी।इस बार ज्यादा उम्मीदें हैं, क्योंकि एयरलाइन की स्थिति बेहतर हुई है।सरकार पहले ही इस्लामाबाद एयरपोर्ट आउटसोर्स कर चुकी है और अन्य बंदरगाहों/एयरपोर्ट्स को भी निजी हाथों में सौंपने की योजना है।प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रक्रिया को पारदर्शी बताया और कहा कि नया मालिक PIA को विश्व स्तरीय एयरलाइन बनाएगा। पाकिस्तान के एविएशन सेक्टर का GDP में योगदान केवल 1.3% है, जबकि UAE में 18% और सऊदी अरब में 8.5%। निजीकरण से इसमें वृद्धि की उम्मीद है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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