बासनपीर में तनाव: धारा 163 लागू, प्रशासन ने सभाओं पर लगाई रोक

जैसलमेर के बासनपीर गांव में छतरी पुनर्निर्माण विवाद के बाद तनाव को देखते हुए SDM सक्षम गोयल ने धारा 163 लागू कर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा जारी की। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सहयोग की अपील की है।

Jul 16, 2025 - 18:22
बासनपीर में तनाव: धारा 163 लागू, प्रशासन ने सभाओं पर लगाई रोक

जैसलमेर जिले के बासनपीर गांव में छतरी पुनर्निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बाद प्रशासन ने कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उपखंड अधिकारी (SDM) सक्षम गोयल ने बुधवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पुरानी धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए। यह कदम गांव में तनावपूर्ण स्थिति और साम्प्रदायिक सद्भाव पर संभावित खतरे को देखते हुए उठाया गया है।

बासनपीर गांव में तालाब के किनारे स्थित पौराणिक छतरियों को कुछ समय पहले तोड़ दिया गया था। एक पक्ष लंबे समय से इन छतरियों के पुनर्निर्माण की मांग कर रहा था। प्रशासन द्वारा निर्माण की अनुमति मिलने के बाद 10 जुलाई को झुंझार रामचंद्र सिंह सोढ़ा और झुंझार पालीवाल जी की छतरियों का पुनर्निर्माण शुरू हुआ। हालांकि, इस दौरान गांव के दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

विरोध के दौरान पथराव की घटना हुई, जिसमें महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसक घटना में एक कॉन्स्टेबल समेत चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने 15 से अधिक महिलाओं सहित दो दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

प्रशासन का कड़ा रुख

हालांकि प्रशासन ने शुरुआती तनाव पर काबू पा लिया था, लेकिन राजनीतिक दलों और नेताओं द्वारा बासनपीर गांव में सभाएं आयोजित करने की घोषणाओं के बाद स्थिति फिर से बिगड़ने की आशंका बढ़ गई। 10 जुलाई को जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रताप पूरी, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, और पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी समेत कई बीजेपी नेता गांव में मौजूद थे। इसके अलावा, पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी और हरीश चौधरी के क्रमशः बुधवार और 19 जुलाई को गांव में आने की घोषणा ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया।

SDM सक्षम गोयल ने बताया कि क्षेत्र में शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इस आदेश के तहत निम्नलिखित प्रतिबंध लगाए गए हैं:

  • हथियारों पर प्रतिबंध: कोई भी व्यक्ति बासनपीर जूनी गांव की सीमा में विस्फोटक पदार्थ, आग्नेयास्त्र (रिवॉल्वर, पिस्तौल, राइफल आदि), या अन्य हथियार (तलवार, भालाល, चाकू आदि) लेकर नहीं घूमेगा। सिख समुदाय को उनकी धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने की छूट दी गई है।

  • सभाओं और जुलूसों पर रोक: बिना पूर्व अनुमति के कोई सभा, रैली, जुलूस, या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जाएगा।

  • साम्प्रदायिक सौहार्द: कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सदभाव को ठेस पहुंचाने वाले नारे, भाषण, या प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं करेगा।

  • भीड़ पर प्रतिबंध: एक स्थान पर पांच या अधिक व्यक्तियों का एकत्र होना ممنوع है।

  • लाउडस्पीकर का उपयोग: बिना अनुमति के लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग वर्जित है, और निर्धारित डेसीबल सीमा का पालन करना होगा।

ये प्रतिबंध सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकृत व्यक्तियों पर लागू नहीं होंगे।

SDM सक्षम गोयल ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए है, और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश की अवहेलना करने वालों को कठोर कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।

Yashaswani Journalist at The Khatak .