व्हीलचेयर पर दुल्हन, दूल्हे के साथ लिए फेरे…भावुक हुए लोग

एक सामूहिक विवाह समारोह में 51 जोड़ों ने सात फेरे लिए, जिसमें पोलियो से प्रभावित निकिता और देवेंद्र की प्रेम कहानी ने सबका दिल जीता। दोनों ने हौसले और समर्थन से नई जिंदगी की शुरुआत की।

Aug 31, 2025 - 19:51
व्हीलचेयर पर दुल्हन, दूल्हे के साथ लिए फेरे…भावुक हुए लोग

राजस्थान में नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष सामूहिक विवाह समारोह ने सभी के दिलों को छू लिया। इस समारोह में 51 जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लिए, लेकिन इनमें से एक जोड़ा ऐसा था जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की निकिता सहदेव और मध्य प्रदेश के सागर के देवेंद्र, दोनों ही पोलियो से प्रभावित हैं, ने इस समारोह में शादी के बंधन में बंधकर एक नई मिसाल कायम की। जब इन दोनों ने 51 अन्य जोड़ों के साथ फेरे लिए, तो वहां मौजूद हर शख्स इस भावुक पल का गवाह बन गया।

निकिता की जिंदगी: चुनौतियों से भरा सफर

निकिता का जन्म मुरादाबाद में एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता वीरेश सहदेव एक मजदूर हैं, जो मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। निकिता की मां प्रवेश देवी और उनके दो भाई-बहनों के साथ परिवार में कुल पांच लोग हैं। निकिता के जन्म पर परिवार में खुशी की लहर थी, लेकिन तीन साल की उम्र में उन्हें बुखार ने जकड़ लिया। इलाज के दौरान पता चला कि पोलियो ने उनके दोनों पैरों को अपनी चपेट में ले लिया। शुरू में परिवार को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। धीरे-धीरे निकिता का चलना-फिरना कम होने लगा, उनके पैर कमजोर पड़ते गए।

डॉक्टरों ने इसे लाइलाज बीमारी बताया, और जहां इलाज संभव था, वहां का खर्च परिवार के लिए असहनीय था। जैसे-जैसे निकिता की उम्र बढ़ी, उनकी हड्डियों में असमानता बढ़ती गई। आसपास के लोगों की उपेक्षा और ताने उनके माता-पिता के लिए असहनीय थे। लेकिन निकिता ने हिम्मत नहीं हारी।

नारायण सेवा संस्थान: एक नई उम्मीद

साल 2017 में निकिता के परिवार को नारायण सेवा संस्थान का सहारा मिला। संस्थान ने न केवल निकिता का निःशुल्क इलाज किया, बल्कि उनके दोनों पैरों का ऑपरेशन भी करवाया। ऑपरेशन के बाद उन्हें विशेष कैलिपर्स प्रदान किए गए, जिसने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। इतना ही नहीं, संस्थान ने निकिता को सिलाई का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया। इस प्रशिक्षण ने निकिता को आत्मनिर्भर बनाया और वे सिलाई का काम शुरू करने में सक्षम हुईं।

निकिता और देवेंद्र की मुलाकात: प्यार की अनोखी शुरुआत

इसी दौरान निकिता की मुलाकात मध्य प्रदेश के सागर निवासी देवेंद्र से हुई। देवेंद्र भी एक पैर से पोलियो से प्रभावित हैं और नारायण सेवा संस्थान के सहयोग से उनकी जिंदगी में भी बदलाव आया था। ऑपरेशन और प्रशिक्षण के बाद देवेंद्र पिछले सात साल से सिलाई केंद्र में काम कर रहे हैं। दोनों की कहानी एक जैसी थी, और यही समानता उनकी नजदीकियों का कारण बनी।  उनकी दोस्ती प्यार में बदली, और आखिरकार उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में शादी करने का फैसला किया।

Yashaswani Journalist at The Khatak .