मेरा जूता जापानी, दिल हिंदुस्तानी: मोदी के दौरे और गाने की कहानी

पीएम मोदी के जापान दौरे के बहाने श्री 420 के गाने "मेरा जूता है जापानी" की कहानी, जो उस ज़माने में स्टाइल और रुतबे का प्रतीक था। जापानी जूते और संस्कृति आज भी भारत से दोस्ती को गहरा करते हैं।

Aug 29, 2025 - 11:47
मेरा जूता जापानी, दिल हिंदुस्तानी: मोदी के दौरे और गाने की कहानी

"मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंगलिस्तानी..." राज कपूर की 1955 की फिल्म श्री 420 का ये गाना सुनते ही पुरानी यादें ताज़ा हो जाती हैं। गाने में राज कपूर बड़े फख्र से अपने जापानी जूते दिखाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर जापानी जूतों का ज़िक्र ही क्यों? आज जब पीएम नरेंद्र मोदी जापान के दौरे पर हैं, तो चलिए आपको बताते हैं उन जापानी जूतों की मज़ेदार कहानी, जो उस ज़माने में स्टाइल का परचम लहराते थे।

मोदी का जापान दौरा: दोस्ती का नया रंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 8वें जापान दौरे पर हैं, जहां वो भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। ये दौरा इसलिए खास है क्योंकि दुनिया में व्यापार की उथल-पुथल के बीच भारत और जापान की दोस्ती को और पक्का करने की बात हो रही है। लेकिन इस मौके पर हम आपको ले चलते हैं उस गाने की दुनिया में, जहां जापानी जूते सिर्फ जूते नहीं, बल्कि एक ज़माने की शान थे।

जापानी जूता: सपनों का स्टाइल आइकन

पचास के दशक में, जब श्री 420 का गाना गूंज रहा था, तब जापानी जूते पहनना किसी बड़े सपने जैसा था। ये जूते अपनी चमक और शानदार चमड़े के लिए मशहूर थे। शहरों में जो लोग इन्हें पहनते थे, उन्हें रईस और आधुनिक समझा जाता था। गाने में राज कपूर का किरदार भले ही फटे जूतों में नाच रहा हो, लेकिन वो गर्व से कहता है कि उसके जूते जापानी हैं। ये उस दौर की सोच को दिखाता था, जब विदेशी चीजें पहनना स्टेटस की बात थी।

मज़ेदार बात ये है कि कुछ लोग पुराने, फटे जूतों को मज़ाक में "जापानी जूता" कहकर चिढ़ाते भी थे। फिर भी, गाने का असली मकसद था ये बताना कि चाहे बाहर से कितना भी विदेशी रंग चढ़े, दिल तो देसी ही रहता है।

जापान का जूता, भारत का रिवाज

जापान में जूतों की बात करें तो वहां का चलन हमारे देश से मिलता-जुलता है। जैसे भारत में हम घर में घुसने से पहले जूते उतारते हैं, वैसे ही जापान में भी लोग दरवाजे पर जूते छोड़कर अंदर जाते हैं। जापानी जूते अपनी खूबसूरती और शिल्पकला के लिए मशहूर हैं। वहां की पारंपरिक चप्पलें, जिन्हें गेटा कहते हैं, लकड़ी की बनी होती हैं और उनका चौड़ा, अनोखा डिज़ाइन उन्हें और खास बनाता है। ये चप्पलें न सिर्फ पहनने में मज़ेदार हैं, बल्कि जापानी संस्कृति की झलक भी देती हैं।

आज भी गूंजता है वो गाना

भले ही आज जापानी जूते वैसा स्टेटस न रहे, लेकिन जापान का फैशन और उसकी कारीगरी आज भी दुनिया को लुभाती है। पीएम मोदी का जापान दौरा दोनों देशों के बीच दोस्ती को और मजबूत कर रहा है। और हां, श्री 420 का वो गाना आज भी हमें याद दिलाता है कि जूता चाहे जापानी हो या टोपी रूसी, दिल हमेशा हिंदुस्तानी ही धड़कता है।

Yashaswani Journalist at The Khatak .