विदेश में नौकरी के नाम पर 4.15 लाख की ठगी: सीकर का युवक रूस में बंद कमरे में कैद, भूखा रखा गया, पुलिस ने डिपोर्ट कर भारत भेजा
राजस्थान के सीकर में एक एजेंट ने रूस में पैकिंग की नौकरी दिलाने के नाम पर कैफ नामक युवक के परिवार से 4.15 लाख रुपये ठग लिए। युवक को रूस भेजा गया, लेकिन वहाँ उसे नौकरी नहीं दी गई और एक कमरे में कैद कर भूखा रखा गया। तीन महीने बाद रूस पुलिस ने उसे अवैध प्रवासी मानकर जेल में डाला और भारत डिपोर्ट कर दिया। अब सीकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजस्थान के सीकर जिले में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी एजेंट ने रूस में पैकिंग की नौकरी लगवाने का लालच देकर परिवार से 4.15 लाख रुपये ऐंठे, लेकिन युवक को वहां नौकरी तो नहीं मिली, बल्कि उसे एक कमरे में कैद करके रखा गया। वहां उसे कई दिनों तक खाना भी नहीं दिया गया। अंततः रूस की पुलिस ने युवक को पकड़ा और जेल में डालकर भारत डिपोर्ट कर दिया। अब सीकर की कोतवाली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
घटना का पूरा विवरण पीड़ित युवक का नाम कैफ है, जो सीकर के वार्ड नंबर 61 का निवासी है। उसके पिता अब्दुल रज्जाक मजदूरी का काम करते हैं। अब्दुल रज्जाक ने कोतवाली पुलिस थाने में कोर्ट के माध्यम से इस्तगासा मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में बताया गया है कि 15 जुलाई को आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने कैफ से मुलाकात की। राजेंद्र ने खुद को विदेश में मजदूरों को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताया और कैफ को रूस में अच्छी नौकरी दिलाने का प्रस्ताव रखा।राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि वह कैफ को रूस में पैकिंग का काम लगवा देगा, जहां अच्छी सैलरी मिलेगी। विदेश जाने के लिए सामान्य तौर पर 4.50 लाख रुपये खर्च बताए जाते हैं, लेकिन चूंकि कैफ का परिवार उसका परिचित है, इसलिए सिर्फ 4.15 लाख रुपये में काम हो जाएगा। इस लालच में आकर कैफ के परिवार ने राजेंद्र को 4.15 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद राजेंद्र ने एक एग्रीमेंट पेपर बनवाया, जिसमें विदेश भेजने की शर्तें लिखी गईं।
रूस भेजने के बाद क्या हुआ? 12 अगस्त को राजेंद्र प्रसाद ने कैफ को जयपुर से रूस के लिए रवाना कर दिया। रूस पहुंचने के बाद कैफ को 15 से 20 दिनों तक एक बंद कमरे में रखा गया। इस दौरान उसे न तो कोई काम दिया गया और न ही ठीक से खाना। कैफ भूख-प्यास से परेशान रहा। जब कैफ ने यह बात अपने पिता अब्दुल रज्जाक को फोन पर बताई, तो अब्दुल ने राजेंद्र से संपर्क किया। लेकिन राजेंद्र ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।इसके बाद राजेंद्र ने कैफ को करीब तीन महीने तक रूस में इसी हालत में रखा। नौकरी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। 18 नवंबर को कैफ ने अपनी बहन को फोन करके बताया कि रूस की पुलिस उसे परेशान कर रही है। बहन ने यह बात पिता अब्दुल को बताई और पुलिस से कैफ की बात करवाई। रिपोर्ट के अनुसार, रूस की पुलिस ने कैफ को अवैध प्रवासी मानकर पकड़ लिया और जेल में डाल दिया। अंत में 27 नवंबर को उसे भारत वापस डिपोर्ट कर दिया गया।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई फिलहाल कैफ भारत लौट आया है, लेकिन परिवार के 4.15 लाख रुपये डूब गए। कोई नौकरी नहीं मिली, बल्कि युवक को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस एजेंट की तलाश कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
विदेश नौकरी के नाम पर बढ़ते ठगी के मामले यह मामला राजस्थान में विदेश नौकरी के नाम पर हो रही ठगियों की बढ़ती संख्या को दर्शाता है। खासकर रूस में नौकरी के लालच में कई युवक ठगे जा चुके हैं। कई मामलों में फर्जी वीजा देकर युवकों को धोखा दिया जाता है या उन्हें वहां पहुंचकर छोड़ दिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश नौकरी के लिए केवल सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंट्स से ही संपर्क करें और किसी अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा न करें। किसी भी एग्रीमेंट से पहले पूरी जांच करवाएं।