सीकर में RPSC SI भर्ती परीक्षा का पहला दिन: 2-3 मिनट लेट पहुंचीं अभ्यर्थियों की छूटी एंट्री, बाहर बैठकर रोई छात्रा

सीकर में RPSC सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पहले दिन सख्ती का असर, कुछ अभ्यर्थियों को 2-3 मिनट लेट पहुंचने पर एंट्री नहीं मिली, एक छात्रा बाहर रोती दिखी।

Apr 5, 2026 - 17:45
सीकर में RPSC SI भर्ती परीक्षा का पहला दिन: 2-3 मिनट लेट पहुंचीं अभ्यर्थियों की छूटी एंट्री, बाहर बैठकर रोई छात्रा
सीकर में RPSC SI भर्ती परीक्षा का पहला दिन: 2-3 मिनट लेट पहुंचीं अभ्यर्थियों की छूटी एंट्री, बाहर बैठकर रोई छात्रा

राजस्थान के सीकर में आज से RPSC द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा की शुरुआत हो गई। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई, जिसमें पहली पारी सुबह 11 बजे से 1 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक चली।

परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। खासतौर पर महिला अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले नोजपिन, चूड़ियां और चुन्नी तक उतारनी पड़ी।

कुछ मिनट की देरी बनी बड़ी परेशानी

सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एसके स्कूल में पहली पारी के दौरान तीन महिला अभ्यर्थी महज 2 मिनट देरी से पहुंचीं, लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने 10 से 15 मिनट तक स्टाफ से गुहार लगाई, लेकिन नियमों के चलते एंट्री नहीं मिली।

वहीं इस्लामिया स्कूल में जोधपुर की एक युवती 3 मिनट देरी से पहुंची। प्रवेश नहीं मिलने पर वह केंद्र के बाहर ही बैठकर रोने लगी। युवती ने बताया कि वह पिछले 3 साल से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी, लेकिन आज उसका मौका छूट गया।

इतने अभ्यर्थी हुए शामिल

सीकर में दोनों दिन के लिए कुल 37 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दो दिनों में कुल 24 हजार अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। पहले दिन 11,995 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे, जिनमें पहली पारी में 7007 और दूसरी पारी में 6968 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हर परीक्षा केंद्र पर दो वीडियोग्राफर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 7 फ्लाइंग टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं।

नकल पर सख्त सजा

RPSC की गाइडलाइन के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर 10 लाख से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना और 10 साल तक की सजा हो सकती है। यदि इसमें कोई कर्मचारी शामिल पाया जाता है तो उसे भी समान सजा दी जाएगी। वहीं डमी कैंडिडेट की सूचना देने वाले को 1 लाख रुपए का इनाम देने का प्रावधान है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground