उदयपुर रेप प्रयास केस में भाजपा नेता को झटका: हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाई, पुलिस जांच फिर तेज

उदयपुर में रेप के प्रयास मामले में आरोपी भाजपा नेता को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाते हुए पुलिस को दोबारा कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए गहन जांच की जरूरत बताई।

May 20, 2026 - 12:33
उदयपुर रेप प्रयास केस में भाजपा नेता को झटका: हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाई, पुलिस जांच फिर तेज

उदयपुर में रेप के प्रयास के चर्चित मामले में आरोपी भाजपा नेता को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी पर पहले लगी रोक को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस अब आरोपी के खिलाफ दोबारा कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकेगी।

राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इस प्रकरण में विस्तृत और निष्पक्ष पुलिस जांच आवश्यक है। कोर्ट ने साफ किया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए जांच को रोकना उचित नहीं माना जा सकता।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

न्यायाधीश मुननुरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपी की ओर से दिए गए तर्क अदालत को संतुष्ट नहीं कर पाए। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर है और इसकी गहन जांच जरूरी है।

अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस जांच को बीच में रोकना न्यायहित में नहीं होगा। इसी आधार पर आरोपी भाजपा नेता को मिली गिरफ्तारी से राहत समाप्त कर दी गई।

पहले गिरफ्तारी पर लगी थी रोक

जानकारी के अनुसार, यह मामला 5 जून 2025 की घटना से जुड़ा है। पीड़िता ने 6 जून को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला ने भाजपा नेता पर जबरन घर में घुसने, बदसलूकी करने और बलात्कार के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।

एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा में रहा। आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी पर रोक की मांग की गई थी। इसके बाद 4 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

हालांकि अब अदालत ने उस आदेश को वापस लेते हुए पुलिस को आगे की कार्रवाई की अनुमति दे दी है।

आरोपी ने बताया था साजिश

मामले में आरोपी भाजपा नेता ने सभी आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया था। आरोपी का दावा था कि यह पूरा मामला व्यापारिक विवाद से जुड़ा हुआ है और उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है।

घटना के अगले दिन आरोपी पक्ष की ओर से भी एक क्रॉस केस दर्ज कराया गया था। इसमें शिकायतकर्ता पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया।

पुलिस जांच पूरी, लेकिन चार्जशीट बाकी

सूत्रों के अनुसार, पुलिस दोनों एफआईआर की जांच लगभग पूरी कर चुकी है। हालांकि अभी तक कोर्ट में चार्जशीट पेश नहीं की गई है।

अब हाईकोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मामले में पूछताछ, गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

मामले में भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार और भाजपा पर निशाना साध रहे हैं, जबकि भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दूसरी तरफ, महिला संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है।

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