देश का सबसे सुरक्षित BTPN टैंकर मॉडल कोटा में विकसित: रेलवे का गेमचेंजर इनोवेशन, अब न आग लगेगी, न तेल चोरी होगा

कोटा रेलवे वर्कशॉप ने देश का सबसे सुरक्षित BTPN टैंकर विकसित किया है जो आग, रिसाव और चोरी से पूर्णतः सुरक्षित है। 2 साल की रिसर्च के बाद 100 वैगनों का निर्माण पूरा, पहला रेक ट्रायल सफल, दूसरा 10 नवंबर को रवाना। रेलवे बोर्ड पूरे देश में लागू करने की तैयारी में।

Nov 11, 2025 - 17:55
देश का सबसे सुरक्षित BTPN टैंकर मॉडल कोटा में विकसित: रेलवे का गेमचेंजर इनोवेशन, अब न आग लगेगी, न तेल चोरी होगा

देश में पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थों के परिवहन से जुड़े हादसों और तेल चोरी की घटनाओं ने पिछले कुछ वर्षों में चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए कोटा रेलवे वर्कशॉप में एक अत्याधुनिक BTPN टैंकर मॉडल विकसित किया है, जो तेल परिवहन प्रणाली को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। यह मॉडिफाइड टैंकर आग लगने, तेल रिसाव और चोरी जैसे तीन प्रमुख खतरों से पूरी तरह सुरक्षित है। रेलवे बोर्ड के सख्त निर्देशों पर तैयार इन टैंकरों को पूरे देश में लागू करने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, जो न केवल सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि तेल परिवहन को अधिक कुशल और आर्थिक रूप से लाभदायक भी बनाएगा।

दो साल की कड़ी मेहनत का नतीजा: रिसर्च से लेकर ट्रायल तक कोटा रेलवे वर्कशॉप के मुख्य कारखाना प्रबंधक सुधीर परमार के नेतृत्व में इस प्रोजेक्ट पर पिछले दो वर्षों से लगातार काम चल रहा था। वर्कशॉप की टीम ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) तथा रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) के विशेषज्ञों के साथ मिलकर गहन रिसर्च और डिजाइनिंग की। इस दौरान टैंकर की संरचना, सामग्री और सुरक्षा फीचर्स पर विस्तृत परीक्षण किए गए। परिणामस्वरूप, वर्कशॉप में दो रेक (प्रत्येक रेक में 50 वैगन) यानी कुल 100 BTPN टैंकरों का निर्माण पूरा हो चुका है। BTPN टैंकर मूल रूप से बॉटल्ड टार पेट्रोलियम नेफ्था के लिए डिजाइन किए जाते हैं, लेकिन इस मॉडिफिकेशन के बाद ये पेट्रोल, डीजल और अन्य ज्वलनशील तरल पदार्थों के सुरक्षित परिवहन के लिए आदर्श हो गए हैं। पहले रेक ने सफलतापूर्वक रन टेस्ट पूरा कर लिया है, जिसमें लंबी दूरी की यात्रा, विभिन्न मौसमों में प्रदर्शन और आपातकालीन स्थितियों का परीक्षण शामिल था। दूसरा रेक 10 नवंबर को ट्रायल के लिए रवाना किया गया, और उसके परिणाम जल्द ही अपेक्षित हैं। सुधीर परमार ने बताया, "यह इनोवेशन रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है। हमने पारंपरिक टैंकरों की कमियों को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकें अपनाई हैं, जो न केवल हादसों को रोकेगी बल्कि चोरी जैसी आर्थिक हानि को भी समाप्त कर देगी। RDSO और ऑयल कंपनियों का सहयोग इस सफलता का प्रमुख कारक रहा।"

प्रमुख सुरक्षा फीचर्स: तीनों खतरों पर काबू यह नया BTPN टैंकर मॉडल पारंपरिक टैंकरों से कई गुना उन्नत है। इसके प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हैं:आग से सुरक्षा: टैंकर की बाहरी परत में फायर-रेजिस्टेंट मटेरियल का उपयोग किया गया है, जो 1000 डिग्री सेल्सियस तक की आग को सहन कर सकता है। साथ ही, ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम इंस्टॉल किया गया है, जो सेंसर के माध्यम से किसी भी स्पार्क या तापमान वृद्धि पर तुरंत सक्रिय हो जाता है। इससे आग लगने की स्थिति में तेल को सुरक्षित रखा जा सकेगा और आसपास के क्षेत्र को खतरा कम होगा।,तेल रिसाव रोकथाम: टैंकर के टैंकों में डबल-लेयर डिजाइन अपनाया गया है, जिसमें आंतरिक और बाहरी दोनों परतें लीक-प्रूफ मटेरियल से बनी हैं। यदि आंतरिक परत में कोई दरार आती है, तो बाहरी परत तेल को रोक लेगी। इसके अलावा, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से रिसाव की कोई भी संभावना तुरंत अलर्ट के माध्यम से कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी।,चोरी रोकने वाली तकनीक: चोरी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए टैंकर में GPS ट्रैकिंग, RFID टैग्स और सेंसर-बेस्ड लॉकिंग सिस्टम लगाया गया है। कोई भी अनधिकृत पहुंच होने पर तुरंत अलार्म बजता है और लोकेशन रेलवे कंट्रोल सेंटर को भेज दी जाती है। इससे तेल चोरी की घटनाएं लगभग शून्य हो जाएंगी, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा राहत पैकेज साबित होगी।,ये फीचर्स न केवल रेलवे के टैंकरों को सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि रिसाव या आग से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सकेगा।

देशव्यापी लागू करने की दिशा में कदम;  रेलवे बोर्ड ने इस इनोवेशन को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने के लिए हरी झंडी दे दी है। कोटा वर्कशॉप को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया था, लेकिन अब अन्य प्रमुख वर्कशॉप जैसे वेरावल, सिनगुर और तारेघना में भी इसी मॉडल का उत्पादन शुरू होगा। अनुमान है कि अगले दो वर्षों में पूरे नेटवर्क में 500 से अधिक ऐसे टैंकर तैनात हो जाएंगे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भी इसकी सराहना की है। इंडियन ऑयल के एक अधिकारी ने कहा, "यह मॉडल हमारे परिवहन खर्च को 20-30% तक कम कर सकता है, साथ ही सुरक्षा मानकों को ऊंचा उठाएगा।" RDSO के विशेषज्ञों के अनुसार, यह इनोवेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रेलवे टैंकर डिजाइन का मानक बन सकता है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.