RPSC पहली बार रिजल्ट से पहले जांचेगी अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स: डिप्टी कमांडेंट भर्ती में बिना योग्यता वाले फॉर्म भरने की वजह से 255 कैंडिडेट्स को बुलाया

RPSC ने डिप्टी कमांडेंट भर्ती-2025 में पहली बार लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी करने से पहले सभी 255 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन करने का फैसला लिया है। बिना योग्यता वाले फॉर्म भरने की समस्या के कारण 15 से 20 अप्रैल 2026 के बीच सभी कैंडिडेट्स को आयोग कार्यालय बुलाया गया है। 4 पदों वाली इस भर्ती में 10 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें बड़ी संख्या में अयोग्य अभ्यर्थी शामिल थे।

Apr 3, 2026 - 11:10
RPSC पहली बार रिजल्ट से पहले जांचेगी अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स: डिप्टी कमांडेंट भर्ती में बिना योग्यता वाले फॉर्म भरने की वजह से 255 कैंडिडेट्स को बुलाया

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने एक नया और सख्त कदम उठाते हुए भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने तथा इंटरव्यू से पहले ही अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करने का फैसला किया है। यह पहली बार हो रहा है जब आयोग लिखित परीक्षा के बाद तुरंत रिजल्ट घोषित करने की बजाय दस्तावेज जांच को प्राथमिकता दे रहा है।

यह प्रक्रिया डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा विभाग) भर्ती-2025 के लिए अपनाई जा रही है। लिखित परीक्षा में शामिल सभी 255 अभ्यर्थियों को 15 से 20 अप्रैल 2026 के बीच RPSC कार्यालय (अजमेर) बुलाया गया है। दस्तावेज सत्यापन के बाद ही लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी किया जाएगा और उसके बाद इंटरव्यू के आधार पर अंतिम चयन होगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

इस भर्ती में बड़ी संख्या में बिना योग्यता वाले अभ्यर्थियों ने आवेदन फॉर्म भर दिए थे। कई उम्मीदवार परीक्षा में भी शामिल हो गए, जबकि उनकी योग्यता नहीं थी। आयोग ने अयोग्य उम्मीदवारों की पहले ही छंटनी करने के लिए यह व्यवस्था की है ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहे।RPSC के सचिव (IAS) रामनिवास मेहता के अनुसार, यह कदम अयोग्य आवेदनों की समस्या को देखते हुए उठाया गया है।

भर्ती की पृष्ठभूमि

विज्ञापन जारी: 18 मार्च 2025 को RPSC ने गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमांडेंट के कुल 4 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था।आवेदन अवधि: 24 मार्च से 22 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए।कुल आवेदन: शुरू में 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरे।योग्यता की शर्त: केवल सेना के कैप्टन स्तर के रिटायर्ड अधिकारी, त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी, या इमरजेंसी/शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त/विमुक्त उम्मीदवार ही योग्य थे।

आवेदनों की प्रारंभिक जांच में कई अयोग्य पाए गए। आयोग ने फॉर्म वापस लेने का मौका दिया और भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 217 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद करीब 6 हजार अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन स्वेच्छा से वापस ले लिए।फॉर्म विड्रॉ करने के बाद 4,221 कैंडिडेट्स बचे। इनके लिए लिखित परीक्षा 11 जनवरी 2026 को आयोजित की गई, जिसमें मात्र 255 अभ्यर्थी ही शामिल हुए (करीब 6% उपस्थिति)।

रोचक तथ्य और अनियमितताएं

EWS, जनरल और MBC श्रेणी में कोई पद नहीं थे, फिर भी कई उम्मीदवारों ने आवेदन कर दिए। ST का केवल 1 पद था, लेकिन 791 आवेदन आए (एक्स-सर्विसमैन सिर्फ 1)। SC के 2 पद थे, लेकिन 1,000 से ज्यादा आवेदन (एक्स-सर्विसमैन केवल 3)।परीक्षा के लिए 17 सेंटर बनाए गए, जबकि इतने कम कैंडिडेट्स के लिए एक सेंटर पर्याप्त था।अनुमानित खर्च: 1 लाख रुपये में हो सकती थी, लेकिन वास्तविक खर्च 20 लाख रुपये से ज्यादा हुआ।

अभ्यर्थियों को क्या-क्या दस्तावेज लाने होंगे?

सभी 255 कैंडिडेट्स को RPSC की आधिकारिक वेबसाइट www.rpsc.rajasthan.gov.in से काउंसलिंग पत्र और विस्तृत आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। आवेदन पत्र की दो प्रतियां भरकर साथ लानी होंगी, जिसमें शामिल होंगे:50 रुपये के ऑनलाइन फॉर्म शुल्क की रसीद, शैक्षणिक योग्यता के संबंधित दस्तावेज, कैप्टन पद से रिटायरमेंट/सेवात्याग/NOC प्रमाण-पत्र, PPO (पेंशन पेमेंट ऑर्डर), जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र आदि,सभी दस्तावेजों की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी के साथ मूल दस्तावेज। 

महत्वपूर्ण बात

यह दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया RPSC के लिए नई पहल है। इससे अयोग्य उम्मीदवारों को शुरुआती चरण में ही बाहर किया जा सकेगा और योग्य पूर्व सैनिकों को नौकरी मिलने में आसानी होगी।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.