17 दिन के बेटे की खुशियां बनी मातम: सड़क हादसे में शहीद जवान का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
छुट्टी पर घर आए भारतीय सेना के ग्रेनेडियर की सड़क हादसे में मौत हो गई। 17 दिन पहले ही बेटे का जन्म हुआ था।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां भारतीय सेना के एक ग्रेनेडियर की सड़क हादसे में मौत हो गई। जवान अपने नवजात बेटे के नामकरण संस्कार की तैयारियों के लिए छुट्टी पर घर आए थे, लेकिन एक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर जब पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरा इलाका शोक में डूब गया। परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
छुट्टी पर आए थे घर, चल रही थी नामकरण की तैयारी
मिली जानकारी के अनुसार, जवान कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे। घर में 17 दिन पहले ही बेटे का जन्म हुआ था और परिवार नामकरण संस्कार की तैयारी में जुटा था। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन टिक नहीं सकी।
बाइक हादसे में गंभीर रूप से घायल
घटना 29 मई की बताई जा रही है, जब जवान किसी काम से बाइक पर निकले थे। रास्ते में बाइक फिसलने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
तिरंगे में लिपटा गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
सोमवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव लाया गया। झुंझुनूं से पैतृक गांव तक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों ने “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारे लगाए। रास्ते में जगह-जगह फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां, पिता और भाई अंतिम दर्शन कर बेसुध हो गए। वहीं पत्नी अपने नवजात बेटे को गोद में लिए पति के अंतिम दर्शन करते ही बेहोश हो गई।
मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि
अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया गया। सबसे भावुक क्षण तब आया जब तीन साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।