बाड़मेर के सांवलेर गांव में तूफान का कहर, कच्चा मकान गिरा; मां-बेटे की सूझबूझ से बची जान
बाड़मेर के सांवलेर गांव में तेज तूफान के चलते एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे के समय मां और बेटा समय रहते बाहर निकल गए, जिससे उनकी जान बच गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की मांग की है।
बाड़मेर जिले के सांवलेर गांव में सोमवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने एक परिवार के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया। अचानक आए इस मौसम के बदलाव के कारण एक कच्चा मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, परिवार की सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसले ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
देर रात तेज तूफान से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और जोरदार आवाजें आने लगीं। आवाज इतनी तेज थी कि मकान के अंदर सो रही मां और बेटा तुरंत सतर्क हो गए। स्थिति को समझते हुए दोनों ने बिना देर किए कमरे से बाहर निकलकर पास में बनी झोपड़ी में शरण ली।
कुछ ही पलों बाद गिरा कच्चा मकान
जैसे ही मां और बेटा कमरे से बाहर निकले, कुछ ही समय बाद मकान की कच्ची दीवार तेज हवाओं के दबाव में भरभराकर गिर गई। छत पर लगे लोहे के पत्ते भी तेज आंधी में उड़ गए। यह दृश्य इतना भयावह था कि आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।
गनीमत रही कि जिस कमरे में परिवार सो रहा था, वह पूरी तरह खाली हो चुका था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
बाल-बाल बची जान, बड़ा नुकसान
ग्रामीणों का कहना है कि अगर परिवार कुछ मिनट और कमरे में रुका रहता तो जान का बड़ा खतरा हो सकता था। इस घटना में परिवार को भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है, क्योंकि मकान काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गया है।
गांव में दहशत और प्रशासन से मदद की मांग
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवार को जल्द आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे अपने घर की मरम्मत कर सकें और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।
फिलहाल परिवार सुरक्षित है, लेकिन तूफान ने उनके आशियाने को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।