राजस्थान में UCC बहस तेज: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने लागू करने की उठाई मांग, शाहबानो केस का किया जिक्र
राजस्थान में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बहस तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रदेश में UCC लागू करने की मांग उठाई और संसद में स्पेशल मोशन लाने की तैयारी का ऐलान किया।
राजस्थान में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बहस फिर गरमाई, मदन राठौड़ ने प्रदेश में लागू करने की मांग उठाई
राजस्थान में एक बार फिर समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्य सरकार से मांग की है कि राजस्थान में UCC लागू किया जाए। उन्होंने यह मुद्दा न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय मंचों पर उठाने का भी इरादा जताया।
राठौड़ ने कहा कि वे पहले भी इस विषय को राज्यसभा में प्राइवेट मेंबर बिल के रूप में स्पेशल मोशन लाने की अनुमति मांग चुके हैं। उनका कहना है कि संसद में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय रहा है और देशभर में इस पर बहस होती रही है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने रुख का हवाला देते हुए चर्चित शाहबानो केस का उल्लेख किया और कहा कि उस समय कांग्रेस सरकार ने कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को सीमित किया। राठौड़ का कहना है कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।
‘एक देश, एक कानून’ की वकालत
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानून समाज में असमानता पैदा करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों को किसी भी धर्म या वर्ग के कारण वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। राठौड़ ने कहा, "पुरुष को भी जन्म महिला ही देती है, फिर महिलाओं को अधिकारों से वंचित कैसे रखा जा सकता है।"
उन्होंने शरिया कानून पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह आधुनिक समाज की जरूरतों के अनुरूप नहीं है और इसे सही नहीं माना जा सकता। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि लैंगिक समानता और न्याय के लिए एक समान कानून की आवश्यकता है।
इस बहस ने राजस्थान की सियासत में नया मोड़ ला दिया है और यह साफ संकेत है कि UCC मुद्दा आगामी समय में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गर्मागर्म बहसों का विषय बनेगा।