राजस्थान की राजनीति में घमासान: मदन राठौड़ का घेराव, बेनीवाल का सुरक्षा पर बयान और कलेक्टर की ‘गायब’ मीटिंग चर्चा में
राजस्थान में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने की घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म है।
राजस्थान की राजनीति इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी के दौर से गुजर रही है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को डीडवाना-कुचामन में काले झंडे दिखाए जाने की घटना के बाद सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है। वहीं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के सुरक्षा संबंधी बयान और प्रशासनिक स्तर पर जयपुर कलेक्टर की एक बैठक को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है।
मदन राठौड़ के काफिले का विरोध
डीडवाना-कुचामन दौरे के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के काफिले के सामने रालोपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना के बाद मदन राठौड़ ने नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध करने वालों पर मर्यादा की सीमाएं लांघने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए, लेकिन इस तरह की हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं।
बेनीवाल का सुरक्षा पर बयान
इस घटनाक्रम के बीच नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल का सुरक्षा को लेकर दिया गया बयान भी चर्चा का विषय बन गया। सुरक्षा में कटौती के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो सुरक्षा मांगी थी और न ही उसे हटाने का अनुरोध किया था।
बेनीवाल ने कहा कि उनके साथ प्रदेशभर के लाखों युवा खड़े हैं और उन्हें किसी विशेष सुरक्षा की आवश्यकता महसूस नहीं होती। उनका यह बयान समर्थकों के बीच तेजी से वायरल हो गया।
जयपुर कलेक्टर की बैठक पर उठे सवाल
राजधानी जयपुर में द्रव्यवती नदी विकास परियोजना को लेकर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक भी चर्चा का विषय बन गई। बैठक का समय तय होने के बावजूद संबंधित जनप्रतिनिधि और अधिकारी समय पर पहुंच गए, लेकिन बैठक शुरू होने में देरी हुई।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर अन्य प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हो सके। हालांकि बाद में बैठक आयोजित हुई, लेकिन इसे लेकर प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।
हनुमानगढ़ ट्रैफिक इंचार्ज का अनोखा अंदाज
उधर हनुमानगढ़ में ट्रैफिक इंचार्ज अनिल चिंदा का अनोखा अंदाज भी सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को समझाने का उनका तरीका लोगों को आकर्षित कर रहा है।
वे चालान काटते समय फिल्मी डायलॉग और हास्यपूर्ण अंदाज का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें वे वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सीख देते नजर आते हैं।
राजनीति और प्रशासन दोनों पर नजर
राजस्थान में एक ओर भाजपा और रालोपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक फैसले और अधिकारियों की कार्यशैली भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों में नई बहस को जन्म दे सकता है।