जयपुर ट्रैफिक पुलिस का बड़ा अभियान: एक महीने में 82 हजार से ज्यादा चालान, 600 से अधिक मॉडिफाइड बंपर हटाए
जयपुर यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महीने में 82 हजार से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की है। ब्लैक फिल्म, मॉडिफाइड साइलेंसर, अवैध बंपर, शराब पीकर ड्राइविंग और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं।
राजधानी जयपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने बड़ा अभियान छेड़ रखा है। 1 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक बनाना है।
डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम के तहत चलाए जा रहे इस अभियान में अब तक हजारों वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। खासतौर पर मॉडिफाइड वाहन, ब्लैक फिल्म लगी कारें, शराब पीकर वाहन चलाने वाले और तेज रफ्तार से ड्राइविंग करने वाले पुलिस के निशाने पर रहे हैं।
एक महीने में 40 हजार से ज्यादा चालान
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 1 मई से अब तक कुल 40,718 वाहन चालकों के चालान किए गए हैं। वहीं विभिन्न ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों को मिलाकर कुल 82,412 वाहनों पर कार्रवाई की गई है।
सबसे अधिक कार्रवाई तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ हुई है। पुलिस ने 36,265 वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग के लिए चालान किया।
मॉडिफाइड वाहनों पर सख्ती
अभियान के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक मोटरसाइकिलों के अवैध और मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं। इन साइलेंसरों के कारण अत्यधिक शोर पैदा होता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है और ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है।
इसके अलावा 600 से अधिक चारपहिया वाहनों से अवैध रूप से लगाए गए मॉडिफाइड बंपर और बुलगार्ड हटाए गए हैं। पुलिस अब इन वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
ब्लैक फिल्म और शराब पीकर ड्राइविंग पर भी कार्रवाई
जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने ब्लैक फिल्म लगी कारों के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान 3,289 वाहनों के चालान किए गए।
वहीं शराब पीकर वाहन चलाने के 379 मामले दर्ज किए गए। पुलिस का कहना है कि ड्रंक एंड ड्राइव सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है, इसलिए इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
अन्य प्रमुख कार्रवाई
अभियान के दौरान विभिन्न ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर बड़ी संख्या में चालान किए गए—
| उल्लंघन | कार्रवाई |
|---|---|
| ब्लैक फिल्म | 3,289 |
| मॉडिफाइड साइलेंसर | 122 |
| शराब पीकर ड्राइविंग | 379 |
| तेज रफ्तार | 36,265 |
| मॉडिफाइड बंपर | 663 |
| बिना हेलमेट | 6,993 |
| तीन सवारी | 6,803 |
| बिना सीट बेल्ट | 1,370 |
| लालबत्ती उल्लंघन | 5,393 |
| मोबाइल फोन का उपयोग | 1,229 |
क्यों खतरनाक हैं मॉडिफाइड बंपर?
डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल ने बताया कि एसयूवी और अन्य वाहनों में लगाए जाने वाले मॉडिफाइड बंपर और बुलगार्ड दुर्घटना के दौरान सुरक्षा तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे बंपर एयरबैग के समय पर और सही तरीके से खुलने में बाधा बनते हैं। इससे दुर्घटना की स्थिति में वाहन सवारों को गंभीर चोट लगने या जान का खतरा बढ़ जाता है।
वाहन चालकों से अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अनधिकृत मॉडिफिकेशन न करवाएं और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।