मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने का मामला: SP-तहसीलदार के बाद अब SHO निलंबित, बढ़ सकती है कार्रवाई
डीडवाना-कुचामन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाए जाने के मामले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। पहले तहसीलदार और एसपी का तबादला किया गया, अब कुचामन थानाधिकारी सतपाल सिंह सांगवा को निलंबित कर दिया गया है।
डीडवाना-कुचामन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के मामले में सरकार ने लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई की है। पहले कुचामन तहसीलदार कैलाश ईनाणिया का तबादला किया गया, फिर जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव को हटाया गया और अब कुचामन थानाधिकारी (SHO) सतपाल सिंह सांगवा को निलंबित कर दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
29 मई को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कुचामन में आयोजित दो दिवसीय पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल सरला बिरला कल्याण मंडपम के बाहर पहले से मौजूद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोककर काले झंडे दिखाए और सरकार विरोधी नारेबाजी की।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी प्रदेशाध्यक्ष के वाहन तक पहुंच गए। इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक माना गया, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हुए।
प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और जमानत
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने 9 से अधिक रालोपा कार्यकर्ताओं को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। शाम को उन्हें कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं कुचामन सिटी तहसीलदार कैलाश ईनाणिया के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
बताया जाता है कि जमानत मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर नाराजगी सामने आई और इसी के बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ।
सबसे पहले तहसीलदार का तबादला
रालोपा कार्यकर्ताओं को जमानत मिलने के कुछ ही घंटों बाद तहसीलदार कैलाश ईनाणिया का तबादला बांसवाड़ा जिले के गांगड़तलाई कर दिया गया। संयुक्त शासन सचिव, राजस्व विभाग के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया।
10 दिन में ही बदले गए एसपी
सुरक्षा चूक मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव पर हुई। उन्हें 19 मई को ही डीडवाना-कुचामन जिले का एसपी बनाया गया था, लेकिन महज 10 दिन बाद उनका तबादला कर दिया गया। उनकी जगह डॉ. प्यारेलाल शिवरान को नया एसपी नियुक्त किया गया।
अब SHO पर गिरी गाज
मामले में तीसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए कुचामन थानाधिकारी सतपाल सिंह सांगवा को निलंबित कर दिया गया है। माना जा रहा है कि प्रदेशाध्यक्ष के काफिले तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने और सुरक्षा व्यवस्था में कमी को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
आगे और कार्रवाई की संभावना
सूत्रों के अनुसार सरकार और पुलिस मुख्यालय पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई और किन अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है, इसकी जांच जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रशासनिक महकमे में बढ़ी हलचल
लगातार तीन बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में चिंता का माहौल है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है।