Barmer News: मॉर्निंग वॉक पर निकले सरकारी लेक्चरर की करंट लगने से मौत, प्रमोशन के दिन हुआ दर्दनाक हादसा
बाड़मेर में मॉर्निंग वॉक पर निकले सरकारी लेक्चरर की बिजली के खंभे में करंट आने से दर्दनाक मौत हो गई।
राजस्थान के बाड़मेर शहर में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रीको थाना क्षेत्र में कांग्रेस कार्यालय के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले एक सरकारी लेक्चरर की बिजली के खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की गई। इस हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि जिस दिन यह घटना हुई, उसी दिन मृतक को प्रमोशन के बाद नई पोस्टिंग पर जॉइन करना था।
मॉर्निंग वॉक पर निकले थे तिलोकाराम
रीको थाना इंचार्ज चैन प्रकाश ने बताया कि मृतक की पहचान तारातरा निवासी 57 वर्षीय तिलोकाराम पुत्र नेनाराम के रूप में हुई है। वे वर्तमान में बाड़मेर शहर के शास्त्री नगर इलाके में रह रहे थे और शिक्षा विभाग में लेक्चरर के पद पर कार्यरत थे।
जानकारी के अनुसार तिलोकाराम रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि वे स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग रहते थे और नियमित रूप से सुबह टहलने जाते थे।
इसी दौरान कांग्रेस कार्यालय के पास वे कुछ देर के लिए रुके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहां लगे बिजली के खंभे में करंट दौड़ रहा था। पसीने से भीगे होने के कारण जैसे ही उन्होंने खंभे को छुआ, तेज करंट उनके शरीर में उतर गया और वे मौके पर ही गिर पड़े।
मौके पर मची अफरा-तफरी
तिलोकाराम को अचानक जमीन पर गिरता देख आसपास मौजूद लोग घबरा गए। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कुछ लोगों ने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन बाद में बिजली के करंट की आशंका होने पर दूरी बना ली गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में रीको थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने बिजली विभाग को भी सूचित किया, जिसके बाद इलाके की बिजली सप्लाई की जांच की गई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। लोगों का कहना था कि यदि सुबह के समय वहां ज्यादा भीड़ होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तिलोकाराम को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया और परिजनों को सूचना दी। जैसे ही परिवार को हादसे की जानकारी मिली, घर में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे।
जांच के लिए पहुंची एफएसएल और एमओबी टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और एमओबी टीम को मौके पर बुलाया गया।
टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और बिजली के खंभे सहित आसपास के पूरे इलाके की जांच की। प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि बिजली के खंभे में लीकेज करंट था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर खंभे में करंट कैसे आया और इसमें लापरवाही किसकी थी।
प्रमोशन की खुशी कुछ घंटों में मातम में बदली
इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि तिलोकाराम को हाल ही में प्रमोशन मिला था। वे वर्तमान में लक्ष्मणसिंहपुरा स्कूल में कार्यरत थे और शुक्रवार को ही चौहटन उपखंड के केरानाडा गांव में नई पोस्टिंग पर जॉइन करने वाले थे।
परिवार के अनुसार घर में पिछले कई दिनों से खुशी का माहौल था। नई पोस्टिंग और प्रमोशन को लेकर परिवार बेहद उत्साहित था। तिलोकाराम भी नई जिम्मेदारी को लेकर काफी खुश थे।
लेकिन किसे पता था कि जिस दिन वे अपने जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं, उसी दिन यह दर्दनाक हादसा उनकी जिंदगी छीन लेगा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों ने बताया कि तिलोकाराम बेहद सरल, मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। वे शिक्षा के क्षेत्र में काफी सम्मानित माने जाते थे और विद्यार्थियों के बीच भी लोकप्रिय थे।
उनके दो बेटे हैं। परिवार के अनुसार एक बेटा दिल्ली में रहकर आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहा है। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार पूरी तरह टूट गया।
रिश्तेदारों और परिचितों का अस्पताल और घर पर तांता लगा रहा। हर कोई इस हादसे को लेकर स्तब्ध नजर आया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह बिजली के खंभे खुले और जर्जर हालत में हैं, जिनकी समय पर जांच नहीं की जाती।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहरभर में बिजली के खंभों और तारों की जांच करवाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली विभाग सतर्कता बरतता तो शायद एक परिवार उजड़ने से बच सकता था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
फिलहाल रीको थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस हादसे के बाद शहर में बिजली सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब सभी की नजर प्रशासन और बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।