राजस्थान में दहशत की सनसनी NIA-ATS की सशक्त कार्रवाई 3 मौलवी आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध गिरफ्तार.
राजस्थान के जोधपुर, पीपाड़ और जैसलमेर में NIA-ATS की संयुक्त कार्रवाई में 3 मौलवी गिरफ्तार। IB की सूचना पर छापेमारी, अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन (जैसे ISIS/HuT) से कनेक्शन का शक। मदरसों से संदिग्ध दस्तावेज बरामद, पूछताछ जारी।
जोधपुर, 31 अक्टूबर 2025: राजस्थान के जोधपुर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह अचानक सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की संयुक्त टीमों ने दो जिलों में छापेमारी कर तीन संदिग्ध मौलवियों को हिरासत में ले लिया है। इन संदिग्धों पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से गुप्त संबंध होने का गंभीर आरोप है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते थे। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की गोपनीय टिप पर आधारित थी, जिसने समय रहते संभावित खतरे को भांप लिया।
कार्रवाई का विवरण: मदरसों से चली साजिश की जड़ें?
सुबह-सुबह शुरू हुई इस अभियान में NIA-ATS की टीमें हाई अलर्ट मोड में थीं। पहली गिरफ्तारी जोधपुर के चौखा इलाके में स्थित अरेबिया मदरसे से हुई। यहां से एक मौलवी को हिरासत में लिया गया, जिसका नाम अयूब (उम्र लगभग 40 वर्ष) बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अयूब पर मदरसे के माध्यम से युवाओं को कट्टर विचारधारा की ओर प्रेरित करने और विदेशी आतंकी नेटवर्क से संपर्क बनाए रखने का शक है। मदरसे में छापेमारी के दौरान कुछ संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए, जिनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर NIA ने अभी इन खोजों की पुष्टि नहीं की है।दूसरी गिरफ्तारी जोधपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर पीपाड़ क्षेत्र में हुई। यहां एक अन्य संदिग्ध मौलवी को ATS ने पकड़ा और सीधे जोधपुर ATS परिसर ले जाया गया। इस व्यक्ति का नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन प्रारंभिक पूछताछ में उसके पास से महत्वपूर्ण कागजात और मोबाइल फोन मिले हैं, जो संभावित रूप से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आतंकी संपर्कों को उजागर कर सकते हैं। पीपाड़ में स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह मौलवी एक छोटे मदरसे से जुड़ा था, जहां हाल ही में कुछ असामान्य गतिविधियां देखी गई थीं।तीसरी कार्रवाई जैसलमेर जिले से की गई, जहां एक और मौलवी को आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जैसलमेर की रेगिस्तानी सीमाओं के निकट होने के कारण यहां सीमा-पार घुसपैठ और जासूसी की आशंकाएं हमेशा बनी रहती हैं। यह संदिग्ध भी मदरसे से जुड़ा होने का शक है, और IB की इनपुट के आधार पर उसकी निगरानी लंबे समय से चल रही थी। गिरफ्तारी के बाद तीनों संदिग्धों को जोधपुर ATS मुख्यालय ले जाया गया, जहां गहन इंटरॉगेशन शुरू हो चुका है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: कौन सा संगठन हो सकता है निशाना?
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ये मौलवी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से जुड़े हो सकते हैं, जैसे ISIS या हिजबुल तहरीर जैसे बैन संगठन। राजस्थान में पहले भी NIA ने इसी तरह के नेटवर्क को तोड़ा है, जैसे 2022 के जयपुर ब्लास्ट प्लॉट में विस्फोटक बरामदगी और 2025 में HuT से जुड़े रेड्स। सूत्रों का कहना है कि ये संदिग्ध मदरसों को कवर के रूप में इस्तेमाल कर युवाओं को रेडिकलाइज करने का काम कर रहे थे। संभावित रूप से, वे सोशल मीडिया और डार्क वेब के जरिए फंडिंग और ट्रेनिंग मटेरियल प्राप्त कर रहे थे। NIA की टीम अब इनके बैंक खातों, यात्रा इतिहास और कॉन्टैक्ट लिस्ट की जांच कर रही है, ताकि बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता: राजस्थान में बढ़ी नजर
यह कार्रवाई राजस्थान में हालिया सुरक्षा चुनौतियों के बीच आई है, जहां पाकिस्तान से जुड़े जासूसी केस (जैसे मई 2025 में CRPF जवान मोती राम जाट की गिरफ्तारी) और ISIS-स्पायर्ड मॉड्यूल्स ने एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। IB और NIA के संयुक्त प्रयासों से अब तक कई संभावित हमलों को रोका जा चुका है। स्थानीय पुलिस ने भी जोधपुर, जैसलमेर और पीपाड़ में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरफ्तारी सीमावर्ती इलाकों में छिपी साजिशों को उजागर करने का बड़ा कदम साबित होगी।NIA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "यह शुरुआती सफलता है। पूछताछ से और कई नाम सामने आ सकते हैं। हम किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेंगे।" फिलहाल, तीनों संदिग्धों को रिमांड पर लिया गया है, और अगले 48 घंटों में कोर्ट में पेश किया जाएगा।यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आंतरिक सुरक्षा के लिए सतत सतर्कता जरूरी है।