राजस्थान विधानसभा सदाचार समिति ने कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे विधायकों को फिर तलब किया

राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति ने एमएलए फंड से विकास कार्यों के बदले कमीशन मांगने के आरोप में भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत को 6 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है। वहीं, रिश्वत मामले में आरोपी BAP विधायक जयकृष्ण पटेल को 7 जनवरी को बुलाया गया है। समिति सभापति कैलाश वर्मा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो स्टिंग वीडियो की FSL जांच कराई जा सकती है। तीनों विधायकों ने पिछली पूछताछ में सबूत नहीं दिए थे और समय मांगा था। बजट सत्र से पहले रिपोर्ट तैयार होने की संभावना है।

Dec 23, 2025 - 15:41
राजस्थान विधानसभा सदाचार समिति ने कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे विधायकों को फिर तलब किया

जयपुर। राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति ने एमएलए फंड से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोपों में घिरे तीन विधायकों को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है। खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत को 6 जनवरी 2026 को एक साथ पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। वहीं, अलग से रिश्वत लेते पकड़े गए भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल को 7 जनवरी को तलब किया गया है। यह मामला दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से सामने आया था, जिसमें तीनों विधायकों को कमीशन की डील करते कैद किया गया था। स्टिंग में रेवंतराम डांगा ने 50 लाख के काम के लिए 40% कमीशन मांगा, अनीता जाटव ने 80 लाख के काम के लिए 50 हजार रुपये टोकन मनी ली और ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख के सौदे को फाइनल किया। इस खुलासे के बाद सरकार ने इन विधायकों के एमएलए लैड फंड खाते फ्रीज कर दिए और हाई-लेवल जांच कमेटी गठित की।

19 दिसंबर की पूछताछ में विधायक सबूत नहीं दे पाए सदाचार समिति ने 19 दिसंबर को तीनों विधायकों से अलग-अलग वन-टू-वन पूछताछ की थी। इस दौरान कमिटी ने कमीशन मांगने से जुड़े विस्तृत सवाल किए, लेकिन तीनों विधायक अपनी बेगुनाही के ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए। उन्होंने सबूत जुटाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की:रेवंतराम डांगा ने 15 दिन,अनीता जाटव ने 7 दिन,ऋतु बनावत ने 10 दिन। समिति ने उनकी मांग मान ली थी। अब इन्हीं समयसीमाओं को ध्यान में रखते हुए तीनों को एक ही दिन – 6 जनवरी को तलब किया गया है।

समिति सभापति कैलाश वर्मा का बयान सदाचार समिति के सभापति कैलाश वर्मा (भाजपा) ने कहा कि कमिटी की बैठकें लगातार चल रही हैं और मामलों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया, "तीनों विधायकों को पूरे सबूतों, दस्तावेजों, ऑडियो-वीडियो के साथ तैयारी करके आने को कहा गया है। वे जो भी लिखित रिपोर्ट या अन्य सामग्री पेश करना चाहें, कर सकते हैं।" वर्मा ने आगे कहा कि स्टिंग करने वाले पत्रकार से मूल वीडियो प्राप्त हो चुका है। अगर विधायक दावा करेंगे कि वीडियो में उनकी आवाज नहीं है या उसमें काट-छांट की गई है, तो जरूरत पड़ने पर वीडियो को फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) जांच के लिए भेजा जा सकता है। हालांकि, अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सभी तथ्यों का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

BAP विधायक जयकृष्ण पटेल का मामला अलग भारत आदिवासी पार्टी के विधायक जयकृष्ण पटेल को मई 2025 में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। उनके मामले की जांच भी सदाचार समिति कर रही है। 7 जनवरी को उन्हें तलब किया गया है और ACB के जांच अधिकारी को भी बुलाया जाएगा।

बजट सत्र से पहले रिपोर्ट संभव राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जनवरी 2026 के अंत में शुरू होने वाला है। सदाचार समिति इन सभी मामलों में बजट सत्र से पहले अपनी रिपोर्ट तैयार कर सकती है। 6 और 7 जनवरी की पूछताछ के बाद अगर समिति संतुष्ट नहीं होती, तो विधायकों से फिर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी जाएगी, जो सदन में पेश की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर विधायकों की सदस्यता निलंबन या रद्द करने जैसी सिफारिशें हो सकती हैं, लेकिन अंतिम फैसला सदन की वोटिंग से होगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.