राजस्थान विधानसभा सदाचार कमेटी में तीन विधायकों से पूछताछ: कमीशन मांगने के आरोपों पर सबूत पेश करने के लिए मांगा समय

राजस्थान विधानसभा की सदाचार कमेटी ने विधायक फंड से काम कराने के बदले कमीशन मांगने के आरोप में भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत से पूछताछ की। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में तीनों बेनकाब हुए थे। सभी ने आरोप खारिज किए और सबूत पेश करने के लिए 7 से 15 दिन का समय मांगा, जिसे कमेटी ने मंजूर कर लिया।

Dec 19, 2025 - 14:00
राजस्थान विधानसभा सदाचार कमेटी में तीन विधायकों से पूछताछ: कमीशन मांगने के आरोपों पर सबूत पेश करने के लिए मांगा समय

जयपुर। राजस्थान में विधायक निधि (MLA LAD फंड) से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के गंभीर आरोपों के मामले में विधानसभा की सदाचार कमेटी ने शुक्रवार को तीनों आरोपी विधायकों से व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की। इन विधायकों में भाजपा के खींवसर से रेवंतराम डांगा, कांग्रेस की हिंडौन से अनीता जाटव और बयाना (भरतपुर) से निर्दलीय ऋतु बनावत शामिल हैं। तीनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों के खिलाफ सबूत पेश करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे कमेटी ने स्वीकार कर लिया।

पूछताछ का क्रम और विधायकों की मांग सदाचार कमेटी की बैठक में सबसे पहले निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत से पूछताछ हुई। उसके बाद कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और अंत में भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा से वन-टू-वन सवाल-जवाब किए गए। कमेटी ने सभी से सीधा सवाल किया कि क्या उन्होंने विधायक फंड से काम कराने के बदले कमीशन मांगा था? तीनों विधायकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को बेकसूर बताया। जब कमेटी ने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगने शुरू किए तो विधायकों ने तत्काल जवाब देने में असमर्थता जताई और सबूत जुटाने के लिए समय की मांग की: भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने 15 दिन का समय मांगा। कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने 7 दिन का समय मांगा। निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने 10 दिन का समय मांगा।कमेटी ने इन मांगों को मंजूर कर लिया। अब तीनों विधायकों को अलग-अलग तारीखों पर फिर से कमेटी के सामने पेश होना होगा। रेवंतराम 15 दिन बाद, अनीता 7 दिन बाद और ऋतु 10 दिन बाद दोबारा पूछताछ के लिए बुलाए जाएंगे।

स्टिंग ऑपरेशन कैसे हुआ भ्रष्टाचार का खुलासा यह पूरा मामला दैनिक भास्कर के एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है। भास्कर के रिपोर्टर ने एक डमी निर्माण कंपनी का मालिक बनकर इन विधायकों से संपर्क किया। छिपे कैमरे में रिकॉर्डिंग के दौरान तीनों विधायक कथित तौर पर विकास कार्यों की सिफारिश के बदले कमीशन की डील करते नजर आए: भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने 50 लाख रुपये के काम के लिए 40% कमीशन की मांग की और 10 लाख रुपये एडवांस भी लिए। उन्होंने जिला परिषद के CEO को संबोधित सिफारिश पत्र भी जारी किया। कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने 80 लाख रुपये के काम के लिए 50 हजार रुपये टोकन मनी लिए और सिफारिश पत्र जारी किया। निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख रुपये की डील फाइनल की।इस स्टिंग में विधायकों द्वारा खुले तौर पर कमीशन की चर्चा और लेन-देन की बातें कैद हुईं, जिसने राजस्थान की राजनीति में हड़कंप मचा दिया।

पहले हुई कार्रवाइयां स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के तुरंत बाद राजस्थान सरकार ने सख्ती दिखाई:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर तीनों विधायकों के MLA LAD फंड खाते फ्रीज कर दिए गए।विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को सदाचार कमेटी को सौंप दिया।भाजपा ने अपने विधायक रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया।कांग्रेस ने अनीता जाटव से 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी और जांच शुरू की।सदाचार कमेटी में सभापति कैलाश वर्मा सहित कुल 12 सदस्य हैं। दो दिन पहले कमेटी की बैठक में तीनों विधायकों को शुक्रवार को तलब करने का फैसला लिया गया था और इसके बाद नोटिस जारी किए गए।

आगे क्या? कमेटी अब विधायकों द्वारा पेश किए जाने वाले सबूतों की जांच करेगी। अगर आरोप साबित हुए तो विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है, जिसमें विधानसभा सदस्यता से अयोग्यता तक की सजा शामिल है। यह मामला सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है, क्योंकि इसमें भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय सभी शामिल हैं। सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है, जबकि विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.