राजस्थान हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों में ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू: 13 अप्रैल से सुबह 8 बजे से शुरू होगी सुनवाई, 28 जून तक चलेगी नई व्यवस्था
राजस्थान हाईकोर्ट और प्रदेश की सभी अधीनस्थ अदालतों में 13 अप्रैल 2026 से ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू हो जाएगी। अब कोर्ट की सुनवाई सुबह 8 बजे से शुरू होगी और 28 जून तक यह व्यवस्था चलेगी। गर्मी से राहत के लिए हाईकोर्ट का न्यायिक समय सुबह 8 से 1 बजे तक तथा अधीनस्थ अदालतों में 8 से 12:30 बजे तक रहेगा।
जोधपुर। राजस्थान की चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए उच्च न्यायालय प्रशासन ने अदालतों के कार्य समय में बड़ा बदलाव कर दिया है। आगामी 13 अप्रैल 2026 से राजस्थान हाईकोर्ट तथा प्रदेश की सभी अधीनस्थ (ट्रायल) अदालतों में ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू हो जाएगी। इसके तहत अब अदालती सुनवाई सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जो पहले के सामान्य समय से काफी पहले है। यह नई व्यवस्था 28 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में प्रभावी रहेगी।
यह बदलाव गर्मी के मौसम में वकीलों, पक्षकारों और अदालती स्टाफ को सुबह की अपेक्षाकृत ठंडी सुबह का लाभ देने तथा दोपहर की तेज धूप से बचाने के उद्देश्य से किया गया है। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की रजिस्ट्रार (प्रशासन) शिवानी सिंह की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
हाईकोर्ट का नया समय-सारिणी
अधिसूचना के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर एवं जयपुर बेंच दोनों) में न्यायिक कार्यवाही का समय इस प्रकार होगा:सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक — न्यायिक कार्य (सुनवाई)।मध्यांतर (ब्रेक): सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक (30 मिनट)।
कार्यालय समय:सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।15 मिनट का विश्राम: सुबह 10:30 से 10:45 बजे तक।
अधीनस्थ अदालतों (ट्रायल कोर्ट) का शेड्यूल
प्रदेश की सभी जिला एवं सत्र न्यायालयों, अतिरिक्त जिला न्यायालयों तथा अन्य अधीनस्थ अदालतों में भी यही ग्रीष्मकालीन व्यवस्था लागू होगी:
सुनवाई का समय: सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।ब्रेक: सुबह 10:00 बजे से 10:15 बजे तक (15 मिनट)।कार्यालय समय:सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
पीठासीन अधिकारियों के लिए विशेष निर्देश
हाईकोर्ट प्रशासन ने पीठासीन अधिकारियों (जजों/प्रिजाइडिंग ऑफिसर्स) के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। सभी पीठासीन अधिकारी: सुबह 7:30 बजे से 8:00 बजे तक और दोपहर 12:30 बजे से 1:00 बजे तक, अपने चैंबर में बैठकर प्रशासनिक कार्यों का निपटारा करेंगे। इससे सुनवाई के समय में कोई व्यवधान नहीं आएगा और प्रशासनिक काम भी सुचारू रूप से चल सकेगा।
क्यों किया गया यह बदलाव?
राजस्थान में अप्रैल से जून के महीनों में तापमान अक्सर 40-45 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक पहुंच जाता है। दोपहर में अदालतों में काम करना पक्षकारों, वकीलों और कर्मचारियों के लिए बेहद कष्टदायक हो जाता है। इसलिए हर साल ग्रीष्मकाल में समय-सारिणी बदलने की परंपरा रही है। इस बार भी गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।नई व्यवस्था 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) से शुरू होकर 28 जून 2026 तक चलेगी। उसके बाद सामान्य समय-सारिणी पर लौट आएगी (जुलाई से सामान्य शेड्यूल लागू होगा)।