भजनलाल सरकार ने लिया बड़ा फैसला: राजस्थान में 'डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट' को मंजूरी, एक धर्म के लोगों के पलायन पर लगेगी रोक; एयरोस्पेस-डिफेंस सेक्टर को मिलेगी भारी सब्सिडी
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने कैबिनेट बैठक में 'डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट' को मंजूरी दी, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी और एक विशेष धर्म के लोगों के बड़े पैमाने पर पलायन को रोका जा सकेगा। शुरू में जयपुर में लागू होगा, बाद में अन्य जिलों में विस्तार। साथ ही 'राजस्थान एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी-2026' को हरी झंडी मिली, जिसमें हवाई जहाज, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स आदि यूनिट्स पर 50% ट्रेनिंग सब्सिडी, कैपिटल सब्सिडी और अन्य लाभ दिए जाएंगे, जिससे रोजगार और निवेश बढ़ेगा।
जयपुर: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 'डिस्टर्ब्ड एरिया एक्ट' (Disturbed Areas Act) को मंजूरी दे दी गई। यह कानून गुजरात मॉडल पर आधारित है और मुख्य रूप से अशांत या संवेदनशील क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का प्रावधान करता है।
कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य कुछ खास क्षेत्रों में एक विशेष धर्म के लोगों के बड़े पैमाने पर पलायन (माइग्रेशन) को रोकना है। ऐसे क्षेत्र जहां सांप्रदायिक तनाव या असंतुलन की आशंका हो, वहां प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए जिला मजिस्ट्रेट या संबंधित अथॉरिटी से पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। इससे जबरन धर्मांतरण या संपत्ति हड़पने जैसे मामलों पर अंकुश लगेगा और सामाजिक सद्भाव बरकरार रहेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कानून पहले जयपुर में लागू किया जाएगा और धीरे-धीरे अन्य जिलों में विस्तारित होगा। गुजरात में यह एक्ट वर्षों से लागू है, जहां संवेदनशील इलाकों में बिना अनुमति के प्रॉपर्टी बिक्री पर सख्त पाबंदी है। राजस्थान में भी इसी तर्ज पर इसे लागू करने की तैयारी है, ताकि राज्य के कुछ हिस्सों में हो रहे एकतरफा पलायन को रोका जा सके।
एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में बड़ा निवेश: हवाई जहाज बनाने पर 50% सब्सिडी
कैबिनेट ने 'राजस्थान एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी-2026' को भी मंजूरी प्रदान की। यह नीति राज्य को एयरोस्पेस, डिफेंस और संबंधित क्षेत्रों में निवेश का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:
राज्य में हवाई जहाज (एयरक्राफ्ट), इंजीनियरिंग डिजाइन, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, चिप डिजाइन और अन्य संबंधित यूनिट्स स्थापित करने की योजना।ट्रेनिंग लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।कैपिटल निवेश पर अतिरिक्त सब्सिडी, टैक्स छूट और अन्य प्रोत्साहन।लार्ज, मेगा और अल्ट्रा-मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज।इससे हाई-स्किल जॉब्स सृजित होंगे, इंजीनियरिंग छात्रों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और डिफेंस स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा।राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि इन फैसलों से राजस्थान में स्पेस, डिफेंस और एयरोस्पेस से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स लग सकेंगे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार बढ़ेगा और युवाओं को उच्च स्तर की नौकरियां मिलेंगी।