अलीगढ़ थाने के पूर्व थानाधिकारी और कॉन्स्टेबल पर रिश्वतखोरी का मामला दर्ज: एसीबी ने शुरू की जांच

राजस्थान के टोंक जिले के अलीगढ़ थाने के पूर्व थानाधिकारी सब इंस्पेक्टर पवन कुमार चौधरी और कॉन्स्टेबल कर्मवीर चौधरी पर पुलिस कस्टडी में मारपीट न करने और सुख-सुविधाएं देने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद एसीबी ने ट्रैप लगाया जो असफल रहा, लेकिन 1 जनवरी 2026 को जयपुर मुख्यालय में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

Jan 3, 2026 - 17:22
अलीगढ़ थाने के पूर्व थानाधिकारी और कॉन्स्टेबल पर रिश्वतखोरी का मामला दर्ज: एसीबी ने शुरू की जांच

राजस्थान के टोंक जिले के अलीगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में सुविधाएं प्रदान करने और मारपीट न करने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में पूर्व थानाधिकारी सब इंस्पेक्टर पवन कुमार चौधरी और कॉन्स्टेबल कर्मवीर चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मामला दर्ज किया है। यह मामला 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने से संबंधित है। एसीबी मुख्यालय जयपुर में 1 जनवरी 2026 को मामला दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

घटना की शुरुआत और अपराध की पृष्ठभूमि यह पूरा मामला अगस्त 2024 का है, जब अलीगढ़ थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने रास्ता रोककर फायरिंग करने, मारपीट करने और लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी फरार चल रहा था, लेकिन सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में अलीगढ़ थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसी रिमांड) पर रखा गया।इस दौरान तत्कालीन थानाधिकारी पवन कुमार चौधरी ने आरोपी के परिजनों से संपर्क कर कस्टडी में मारपीट न करने और बिस्तर, भोजन जैसी मूलभूत सुख-सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रिश्वत की यह राशि थाने के कॉन्स्टेबल कर्मवीर चौधरी को सौंपने के लिए कही गई।

शिकायत और एसीबी की प्रारंभिक कार्रवाई रिश्वत की मांग की जानकारी जब गिरफ्तार आरोपी के भाई राजमल मीणा को हुई, तो उन्होंने इसकी शिकायत सवाई माधोपुर स्थित एसीबी टीम में की। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी की सवाई माधोपुर टीम ने दोनों पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।ट्रैप कार्रवाई 9 सितंबर 2025 और 14 सितंबर 2025 को की गई, लेकिन तत्कालीन थानाधिकारी पवन कुमार चौधरी को इसकी भनक लग गई, जिसके कारण ट्रैप असफल रही। ट्रैप फेल होने के बाद एसीबी टीम ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय को भेज दी। रिपोर्ट की जांच के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 1 जनवरी 2026 को दोनों आरोपियों के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज कर लिया गया। अब इसकी गहन जांच चल रही है।

पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया टोंक जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश कुमार मीना ने बताया कि नवंबर 2025 में सब इंस्पेक्टरों के तबादले हुए थे। उस दौरान पवन कुमार चौधरी को पहले मालपुरा थाने में लगाया गया, फिर उन्हें अजमेर स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं, कॉन्स्टेबल कर्मवीर चौधरी को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में शुक्रवार को लाइन हाजिर कर दिया गया है।एसपी ने कहा कि एसीबी से मामला दर्ज होने की आधिकारिक सूचना अभी नहीं मिली है। जैसे ही सूचना आएगी, नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.