चलती ट्रेन से कचरा फेंकने का वीडियो वायरल: संविदा कर्मचारी बर्खास्त, ठेका फर्म पर भारी जुर्माना

अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस में चलती ट्रेन से कचरा फेंकने पर संविदा कर्मचारी संजय सिंह बर्खास्त, ठेका फर्म पर 50,000 रुपये जुर्माना, यात्री का वीडियो वायरल, रेलवे ने लापरवाही पर सख्ती दिखाई,

Nov 10, 2025 - 11:08
चलती ट्रेन से कचरा फेंकने का वीडियो वायरल: संविदा कर्मचारी बर्खास्त, ठेका फर्म पर भारी जुर्माना

अजमेर, 10 नवंबर 2025: भारतीय रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक गंभीर लापरवाही के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12987) में चलती ट्रेन से कचरा बाहर फेंकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे ने संविदा कर्मचारी को तत्काल नौकरी से हटा दिया। इतना ही नहीं, ठेका फर्म पर भी भारी जुर्माना लगाया गया है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घटना का पूरा विवरण;  घटना 4 नवंबर 2025 को हुई, जब अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस आगरा के पास से गुजर रही थी। ट्रेन में तैनात ऑन-कॉल हाउसकीपिंग स्टाफ का सदस्य संजय सिंह कचरा साफ करने के दौरान लापरवाही बरतते हुए चलती ट्रेन से ही कचरा बाहर फेंकता नजर आया। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि संजय सिंह ट्रेन के दरवाजे से कचरे का थैला फेंक रहा है, जो तेज रफ्तार में सड़क पर जा गिरता है। यह कृत्य न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाला है, बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों और यात्रियों के लिए खतरा भी पैदा कर सकता है।वीडियो एक सतर्क यात्री ने अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया और इसे सीधे रेलवे प्रशासन को मेल कर दिया। यात्री ने अपनी शिकायत में लिखा था कि ऐसी लापरवाही से ट्रेन की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और रेलवे को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यह वीडियो 7 नवंबर को रेलवे के उच्च अधिकारियों की नजर में आया, जिसके बाद मामला गंभीरता से लिया गया।

रेलवे की त्वरित कार्रवाई;  रेलवे प्रशासन ने वीडियो प्राप्त होते ही आंतरिक जांच शुरू कर दी। जांच में पुष्टि हुई कि संजय सिंह ठेका फर्म के माध्यम से हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में तैनात था। जांच समिति ने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज, अन्य यात्रियों के बयान और संजय सिंह से पूछताछ के आधार पर दोष सिद्ध किया। इसके परिणामस्वरूप, 9 नवंबर को संजय सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। रेलवे ने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मचारी होने के बावजूद ऐसी गंभीर अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। रेलवे ने ठेका फर्म पर भी सख्ती दिखाई और फर्म को 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना फर्म की लापरवाही के लिए लगाया गया, क्योंकि ठेकेदार को अपने कर्मचारियों की ट्रेनिंग और पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित करना होता है। रेलवे के अनुसार, यह फर्म अजमेर मंडल में कई ट्रेनों की हाउसकीपिंग का जिम्मा संभाल रही है, और इस घटना से फर्म की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।

अधिकारियों का सख्त बयान;  अजमेर मंडल रेल मैनेजर (DRM) ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "रेलवे पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। चलती ट्रेन से कचरा फेंकना न केवल स्वच्छ भारत अभियान का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी जोखिम में डालता है। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम सभी ठेका फर्मों को निर्देश दे रहे हैं कि वे अपने स्टाफ को नियमित ट्रेनिंग दें और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।" DRM ने आगे बताया कि रेलवे अब डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत कर रहा है, जिसमें यात्रियों द्वारा शेयर किए गए वीडियो को तुरंत ट्रैक करने की सुविधा होगी। इसके अलावा, हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए अनिवार्य रूप से पर्यावरण जागरूकता सेशन आयोजित किए जाएंगे।

पर्यावरण और सुरक्षा पर प्रभाव;  यह घटना रेलवे की सफाई व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है। हर साल लाखों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं, और यदि कचरा प्रबंधन में लापरवाही बरती जाती रही तो यह न केवल सड़कों और आसपास के इलाकों को गंदा करेगा, बल्कि वन्यजीवों और सड़क यातायात को भी प्रभावित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे को कचरा संग्रह के लिए ट्रेनों में अधिक बायो-डिग्रेडेबल बैग और डिस्पोजल यूनिट लगाने चाहिए, ताकि स्टाफ को बाहर फेंकने की जरूरत ही न पड़े।पिछले कुछ महीनों में रेलवे ने कई ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई की है, जैसे कि ट्रेनों में प्लास्टिक उपयोग पर प्रतिबंध और कचरा रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करना। इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जनता की भागीदारी (जैसे वीडियो शेयरिंग) रेलवे को बेहतर बनाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि यदि वे ऐसी किसी लापरवाही को देखें तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें या वीडियो शेयर करें। ठेका फर्म को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाकी स्टाफ की स्क्रीनिंग करें और दोषी पाए जाने पर अतिरिक्त कार्रवाई करें। यह घटना रेलवे के लिए एक सबक है कि ठेका प्रथा में भी गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करना जरूरी है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.