प्रतापगढ़ में सरकारी टीचर ने पत्नी-बेटे पर धारदार हथियार से हमला किया, फिर खुद लगाई फांसी: घरेलू विवाद में दिल दहला देने वाली घटना

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के बनेडिया कलां गांव में सरकारी स्कूल टीचर गणपत लाल मीणा (47) ने घरेलू विवाद के कारण रात में पहले छत पर सो रहे बेटे हरीश (19) और फिर पत्नी मंजू (40) पर चारा काटने के दातेड़े से क्रूर हमला किया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद गणपत लाल ने खुद गर्दन में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बेटी सारिका ने घटना देखी और पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में घरेलू कलह मुख्य कारण बताया जा रहा है, जबकि घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Jan 18, 2026 - 19:25
प्रतापगढ़ में सरकारी टीचर ने पत्नी-बेटे पर धारदार हथियार से हमला किया, फिर खुद लगाई फांसी: घरेलू विवाद में दिल दहला देने वाली घटना

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद थाना क्षेत्र के बनेडिया कलां (या बनला) गांव में शनिवार रात एक बेहद ही चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना हुई। यहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक गणपत लाल मीणा (47 वर्ष) ने पहले अपनी पत्नी और बेटे पर चारा काटने वाले दातेड़े (धारदार हथियार) से क्रूर हमला किया, फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

घटना का पूरा विवरण

गणपत लाल मीणा मंडावरा स्कूल में शिक्षक थे और बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) का अतिरिक्त कार्य भी संभाल रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी मंजू मीणा (40 वर्ष), बेटा हरीश मीणा (19 वर्ष) और बेटी सारिका मीणा शामिल हैं।

रात करीब 1 बजकर 37 मिनट पर गणपत लाल सबसे पहले छत पर सो रहे अपने बेटे हरीश के पास गए। उन्होंने दातेड़े से हरीश पर जमकर वार किए, जिससे हरीश के सिर, गर्दन, कंधे और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। खून बहने लगा और हरीश चीखने-चिल्लाने लगे।

इसके बाद गणपत लाल नीचे कमरे में सो रही पत्नी मंजू के पास पहुंचे और उन पर भी इसी हथियार से हमला बोल दिया। मंजू के सिर, हाथ-पैर में गहरी चोटें आईं। दोनों मां-बेटे खून से लथपथ हो गए।

उसी समय ऊपरी कमरे में सो रही बेटी सारिका को चीख-पुकार सुनाई दी। वह दौड़कर नीचे पहुंची तो देखा कि मां और भाई जमीन पर गिरे हुए हैं और खून ही खून फैला है। फिर दूसरे कमरे में नजर डाली तो पिता गणपत लाल फर्श पर पड़े थे। उनकी कोई हलचल नहीं थी और गर्दन पर रस्सी जैसा गहरा निशान बना हुआ था।

सारिका ने तुरंत चिल्लाकर ताऊ (बड़े पापा) और पड़ोसियों को बुलाया। सबने मिलकर मां और भाई को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस को भी सूचना दी गई।

पुलिस जांच और शुरुआती निष्कर्ष

अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो घर में खून बिखरा हुआ था। MOB (मोबाइल फोरेंसिक टीम) और FSL टीम ने मौके का निरीक्षण किया, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी की और सबूत जुटाए।

गणपत लाल की गर्दन पर फंदे का स्पष्ट निशान मिला, जिससे यह पुख्ता हुआ कि उन्होंने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की। जांच में सामने आया है कि हमले के बाद उन्होंने आत्महत्या की। घरेलू विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि अभी तक हमले का सटीक कारण सामने नहीं आया है। पुलिस हर कोण से जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

परिवार की स्थिति और बेटी का बयान

बेटी सारिका ने पुलिस को दी रिपोर्ट में पूरी घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिता अचानक छत पर गए और भाई पर हमला किया, फिर मां पर। जब वह पहुंची तो पिता पहले से ही मृत अवस्था में थे। परिवार सदमे में है और इस घटना से पूरा गांव स्तब्ध है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.