चित्तौड़गढ़ के कपासन में केमिकल फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: बॉयलर फटने से लगी आग, 10 टन का पार्ट 300 मीटर दूर पंचायत परिसर में गिरा, एसडीएम ऑफिस की दीवार टूटी

चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन रीको क्षेत्र में मरून इंडस्ट्रीज केमिकल फैक्ट्री में सोमवार रात बॉयलर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे भीषण आग लग गई। धमाके की आवाज 5-10 किमी दूर तक सुनाई दी, 10 टन वजनी पार्ट 300 मीटर दूर पंचायत परिसर में गिरा, एसडीएम-तहसील ऑफिस की दीवारें टूटीं, 500 मीटर दूर तक हिस्से बिखरे। पास की स्क्रैप फैक्ट्री भी प्रभावित हुई। दमकल ने 2 घंटे में आग काबू की। कोई जनहानि नहीं, जांच जारी।

Feb 10, 2026 - 13:31
चित्तौड़गढ़ के कपासन में केमिकल फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: बॉयलर फटने से लगी आग, 10 टन का पार्ट 300 मीटर दूर पंचायत परिसर में गिरा, एसडीएम ऑफिस की दीवार टूटी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन कस्बे में स्थित रीको इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर एक बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ। मरून इंडस्ट्रीज (Maroon Industries) नामक केमिकल फैक्ट्री में अचानक बॉयलर फट गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। यह धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज आसपास के इलाकों में 5 किलोमीटर तक सुनाई दी, और कुछ रिपोर्टों में तो 10 किलोमीटर दूर तक धरती कांपने और आवाज सुनाई देने की बात कही गई।

हादसे का विवरण और नुकसान

धमाके की तीव्रता से बॉयलर के भारी-भरकम हिस्से दूर-दूर तक उड़ गए। फैक्ट्री से लगभग 300 मीटर दूर पंचायत परिसर में 10 टन वजनी एक बड़ा पार्ट जा गिरा, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ। इसी तरह, अन्य हिस्से एसडीएम और तहसील ऑफिस की इमारतों पर गिरे, जिससे इन ऑफिसों की छत की दीवारें टूट गईं और छत पर बिखरे हुए पार्ट्स मिले।

बॉयलर का एक वाल्व 500 मीटर दूर एक निजी मकान की छत पर जा गिरा, जहां छत की पट्टी और टीन शेड टूटकर बिखर गए।रेलवे स्टेशन के पास बने एक घर की छत पर भी लोहे के पाइप गिरे, जिससे वहां भी नुकसान हुआ।मंगलवार सुबह जब लोग उठे, तो उनके खेतों, घरों की छतों और आसपास के इलाकों में बॉयलर के बिखरे हुए पार्ट्स मिले, जो 500 मीटर तक फैले हुए थे।

धमाके के साथ लगी आग इतनी भीषण थी कि पास में स्थित एक स्क्रैप फैक्ट्री भी इसकी चपेट में आ गई। स्क्रैप फैक्ट्री का एक हिस्सा ढह गया, लोहे की चद्दरें उड़ गईं और दीवारों में दरारें आ गईं।

राहत कार्य और आग पर काबू

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें काबू में करने में दमकल कर्मियों को लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जेसीबी मशीनों की मदद से भी राहत कार्य किए गए। देर रात तक चली कोशिशों के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच

हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग धमाके की आवाज सुनकर नींद से जागकर घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया और किसी अनहोनी से बचाव के लिए सतर्कता बरती।जिला कलेक्टर आलोक रंजन, एसपी मनीष त्रिपाठी और कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर मौके पर पहुंचे।कलेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि फैक्ट्री में कुछ इंटरमीडिएट केमिकल्स (जैसे कलर बनाने से संबंधित) बनाए जाते हैं। प्रारंभिक जांच में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। नुकसान का आकलन और हादसे के कारणों की जांच जारी है।विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फैक्ट्री में कलर बनाने का काम होता है। जांच के बाद ही हादसे का सटीक कारण पता चलेगा। फिलहाल कोई हताहत नहीं हुआ है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.