“अचानक दफ्तर पहुंचते ही बदला माहौल… कलेक्टर के निरीक्षण में सामने आईं कई चौंकाने वाली बातें, क्या है पूरा मामला?”
बिना सूचना पहुंचे कलेक्टर ने ऑफिस का ऐसा निरीक्षण किया कि कई अहम पहलू सामने आ गए… जले हुए ऑडिटोरियम से लेकर कामकाज तक, आखिर क्या-क्या देखा गया अंदर?
शहर के प्रशासनिक तंत्र में उस समय हलचल मच गई, जब जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने अचानक नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस दौरे से कर्मचारियों में एक अलग ही सक्रियता देखने को मिली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नगर निगम के विभिन्न विभागों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने एकल खिड़की व्यवस्था, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया, निर्माण शाखा और अन्य विभागों की कार्यप्रणाली को जांचा। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कार्य को ईमानदारी और समयबद्ध तरीके से पूरा करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस निरीक्षण के दौरान एक और अहम दृश्य सामने आया, जब कलेक्टर ने नगर निगम परिसर में स्थित जले हुए ऑडिटोरियम हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने इस संबंध में निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि यह ऑडिटोरियम अज्ञात कारणों से जल गया था, जिस पर कलेक्टर ने गंभीरता दिखाई।
निरीक्षण के दौरान एडीएम डॉ. बजरंग सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा कलेक्टर ने यूआईटी कार्यालय का भी दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले कलेक्टर ने मानसून की तैयारियों को लेकर भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बरसात से पहले नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं।
यह औचक निरीक्षण न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि अब लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी।