बाड़मेर में बादाम-घी के सैंपल फेल: 4 दुकानों के खाद्य पदार्थ निकले अमानक, ADM कोर्ट पहुंचा मामला
बाड़मेर में चलाए गए ‘शुद्ध आहार मिलावट अभियान’ के दौरान लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच में फेल हो गए। जोधपुर लैब रिपोर्ट में बादाम और घी के कई सैंपल अमानक पाए गए हैं।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों का बड़ा मामला सामने आया है। जिलेभर में चलाए गए ‘शुद्ध आहार मिलावट अभियान’ के तहत लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। जोधपुर लैब से आई रिपोर्ट में बादाम और घी के कई सैंपल नॉन-स्टैंडर्ड यानी अमानक पाए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में चार दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी मामलों को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) बाड़मेर के समक्ष पेश किया गया है, जहां अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
शुद्ध आहार मिलावट अभियान के तहत हुई कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त टी. शुभ मंगला और बाड़मेर जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल के निर्देशों पर जिले में ‘शुद्ध आहार मिलावट अभियान’ चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार जागिड़ ने संदेह के आधार पर विभिन्न दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। जांच के लिए इन सैंपलों को जोधपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया था।
जांच में ये सैंपल निकले अमानक
प्रयोगशाला रिपोर्ट में चार दुकानों के खाद्य पदार्थ अमानक पाए गए हैं। इनमें बाड़मेर शहर और गुड़ामालानी क्षेत्र की दुकानें शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार:
- मैसर्स श्री संचिया ट्रेडर्स, शिवकर रोड बाड़मेर से लिया गया लूज बादाम
- मैसर्स गोमजी किराना एंड प्रोविजन स्टोर, नेहरू नगर का घी
- मैसर्स शांतिलाल एंड कंपनी, गुड़ामालानी का ‘श्रीवेदांत’ ब्रांड घी
- मैसर्स उत्तम प्रोविजन स्टोर, हनुमान मंदिर के पास बाड़मेर का लूज घी
ये सभी खाद्य पदार्थ जांच में निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
ADM कोर्ट में पेश किए गए मामले
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर चारों दुकानदारों के खिलाफ मामले न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट बाड़मेर के समक्ष प्रस्तुत कर दिए हैं।
अब इन मामलों में सुनवाई के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि मिलावट और अमानक खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
त्योहार और गर्मियों में बढ़ती है मिलावट की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों और त्योहारों के मौसम में घी, तेल, ड्राई फ्रूट्स और मिठाइयों में मिलावट की शिकायतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर सैंपलिंग अभियान चलाकर बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करता है।
प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और किसी भी तरह की मिलावट की शिकायत मिलने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।