नागौर में 2-13 मिनट की देरी बनी भारी: SI परीक्षा में 4 छात्राओं को नहीं मिला प्रवेश, रोते-निराश लौटीं

नागौर में SI भर्ती परीक्षा के दौरान सख्ती के चलते 4 छात्राओं को 2 से 13 मिनट की देरी पर प्रवेश नहीं मिला, कुल 2194 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित।

Apr 5, 2026 - 17:55
नागौर में 2-13 मिनट की देरी बनी भारी: SI परीक्षा में 4 छात्राओं को नहीं मिला प्रवेश, रोते-निराश लौटीं

राजस्थान के नागौर में आयोजित SI भर्ती परीक्षा के दौरान सख्त नियमों का असर देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों पर तय समय के बाद पहुंचने वाली चार छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके चलते वे निराश होकर लौट गईं।

बताया जा रहा है कि SI भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी के लिए अभ्यर्थियों को दोपहर 1 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने नियमों के अनुसार किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

कुछ मिनट की देरी बनी वजह

पहले दो महिला अभ्यर्थी महज 2 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उन्हें पहली पारी के नियम याद थे, लेकिन दूसरी पारी में भी एक घंटे पहले पहुंचना जरूरी है, यह ध्यान नहीं रहा। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से काफी अनुरोध किया, लेकिन सख्ती के चलते उन्हें वापस भेज दिया गया।

इसके बाद दो अन्य छात्राएं सेंटर बंद होने के करीब 13 मिनट बाद दौड़ती हुई पहुंचीं, लेकिन उन्हें भी अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। उनका कहना था कि पहली पारी के बाद वे खाना खाने गई थीं, जिससे देर हो गई।

निराश होकर लौटीं छात्राएं

चारों छात्राएं सेठ किसान लाल कांकरिया स्कूल में परीक्षा देने पहुंची थीं, लेकिन दूसरी पारी में प्रवेश नहीं मिलने के कारण वे काफी निराश नजर आईं।

इतने अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित

नागौर में कुल 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें 5448 रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों में से 3254 ने परीक्षा दी, जबकि 2194 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इन केंद्रों में 13 सरकारी और 5 निजी संस्थान शामिल थे।

तीन स्तरीय जांच और कड़ी निगरानी

सभी परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 3 फ्लाइंग टीमें और 6 मॉनिटरिंग टीमें तैनात की गई थीं।

परीक्षा प्रभारी चम्पालाल जिनगर ने बताया कि सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।

Kashish Sain Bringing truth from the ground