कामां विधायक नौक्षम चौधरी ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार: पानी की किल्लत पर भड़कीं, कहा- जनता को पानी नहीं पिला सकते तो मेरे दफ्तर का कनेक्शन भी काट दो
राजस्थान के कामां क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत से नाराज भाजपा विधायक नौक्षम चौधरी ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगर जनता को पानी नहीं पिला सकते तो मेरे दफ्तर का कनेक्शन भी काट दो। साथ ही, अधिकारियों को हर वार्ड का दौरा कर समस्या का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान विधायक ने जनता को खुशखबरी दी कि नए साल में कामां का नाम बदलकर 'कामवन' कर दिया जाएगा, जो क्षेत्र की पौराणिक पहचान को बहाल करेगा। यह घटना भाजपा की 'विकास रथ यात्रा' के दौरान हुई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
राजस्थान के भरतपुर जिले की कामां विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक नौक्षम चौधरी ने जलदाय विभाग के अधिकारियों की क्लास लगाकर सुर्खियां बटोरीं। यह घटना उस समय हुई जब भाजपा की 'विकास रथ यात्रा' कामां कस्बे में पहुंची। यात्रा के दौरान जनता से बातचीत में लोगों ने गंभीर पानी की समस्या की शिकायत की, जिस पर विधायक तुरंत आक्रोशित हो गईं और अधिकारियों को फोन पर कड़ी फटकार लगाई।
घटना का विवरण शुक्रवार को 'विकास रथ' कामां में अपने अंतिम चरण में पहुंचा। इस दौरान विधायक नौक्षम चौधरी स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं से रू-ब-रू हुईं। लोगों ने बताया कि पिछले 6 दिनों से उनके वार्डों में पानी की एक बूंद भी नहीं आई है। कई वार्डों में तो पानी की सप्लाई अनियमित होने से जनता बेहद परेशान है। महिलाएं विधायक के सामने अपनी व्यथा लेकर पहुंचीं और पानी की किल्लत की शिकायत की।यह सुनते ही विधायक नौक्षम चौधरी ने तुरंत जलदाय विभाग के अधिकारी को फोन मिलाया। फोन पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, "यहां हर वार्ड की महिलाएं बैठी हैं। इनका कहना है कि 6-6 दिन तक पानी नहीं आता है। अगर आप जनता को पानी नहीं पिला सकते, तो मेरे दफ्तर का कनेक्शन भी काट दो।" विधायक का यह बयान अधिकारियों के प्रति उनकी नाराजगी और जनता के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर विभाग जनता की मूलभूत जरूरत पूरी नहीं कर सकता, तो सरकारी सुविधाओं का कोई औचित्य नहीं है।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश विधायक ने सिर्फ फटकार ही नहीं लगाई, बल्कि अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कल (शनिवार) ही अधिकारी हर वार्ड का दौरा करें, जमीनी हकीकत का जायजा लें और पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकालें। विधायक ने आगे कहा, "वार्ड-वार्ड जाकर जांच करो। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते, तो अपना देख लीजिए।" इस तरह उन्होंने विभागीय लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
जनता को दी बड़ी खुशखबरी: कामां का नाम बदलकर 'कामवन' होगा पानी की समस्या पर अधिकारियों को लताड़ लगाने के बाद विधायक नौक्षम चौधरी ने क्षेत्रवासियों को एक बड़ी राहत भरी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। नए साल (2026) में कामां का नाम बदलकर 'कामवन' कर दिया जाएगा। यह बदलाव क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान को वापस लौटाने का प्रयास है। कामवन नाम प्राचीन काल से जुड़ा हुआ माना जाता है, जो स्थानीय लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। इस घोषणा से जनता में खुशी की लहर दौड़ गई और विधायक की सराहना हुई।
पृष्ठभूमि नौक्षम चौधरी कामां से भाजपा की लोकप्रिय विधायक हैं। वे जनता की समस्याओं को सीधे उठाने और अधिकारियों से सख्ती से पेश आने के लिए जानी जाती हैं। यह घटना राजस्थान सरकार के दो साल पूरे होने पर चल रही 'विकास रथ यात्रा' का हिस्सा थी, जिसमें जनता की शिकायतें सुनकर समाधान का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पानी जैसी मूलभूत समस्या सामने आने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।