मथानिया मिर्च की आड़ में MD ड्रग्स और स्मैक की तस्करी: जोधपुर से हैदराबाद जा रही बस के पार्सल में छिपाया गया नशा, तस्कर फरार

जोधपुर की मशहूर मथानिया हरी मिर्च की आड़ में MD ड्रग्स और स्मैक की तस्करी का खुलासा। 28 जनवरी को हैदराबाद जा रही प्राइवेट बस के पार्सल में मिर्च के अंदर सिल्वर फॉयल पुड़ियां मिलीं। ड्राइवर के शक से मामला सामने आया, तस्कर फरार, एनसीबी जांच में जुट गई। एक मिर्च की कीमत 5000 रुपये तक बताई जा रही है।

Feb 2, 2026 - 14:55
मथानिया मिर्च की आड़ में MD ड्रग्स और स्मैक की तस्करी: जोधपुर से हैदराबाद जा रही बस के पार्सल में छिपाया गया नशा, तस्कर फरार

जोधपुर की प्रसिद्ध मथानिया मिर्च, जो अपनी तीखी खुशबू और स्वाद के लिए देशभर में जानी जाती है, अब नशे की तस्करी का नया माध्यम बन गई है। एक चौंकाने वाले मामले में, जोधपुर से हैदराबाद जा रही एक प्राइवेट बस में भेजे गए मिर्च के पार्सल के अंदर MD ड्रग्स (मैथिलीन डाइऑक्सी मेथमफेटामाइन) और स्मैक की पुड़ियां छिपाई गईं थीं। यह घटना 28 जनवरी 2026 को सामने आई, जिसके बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जांच शुरू कर दी है।

घटना का पूरा विवरण

28 जनवरी को जोधपुर से हैदराबाद के लिए रवाना हुई एक निजी बस में किसी अज्ञात व्यक्ति ने "मथानिया मिर्च" का एक पार्सल भेजा था। बस हैदराबाद पहुंचने पर ड्राइवर को पार्सल पर कुछ संदेह हुआ। उसने पार्सल खोलकर जांच की तो बाहर से तो यह सामान्य हरी मिर्च ही लग रही थीं, लेकिन कुछ मिर्चों में कट के निशान दिखे।ड्राइवर ने उन मिर्चों को बीच से फाड़कर देखा, तो अंदर सिल्वर फॉयल में छोटी-छोटी पुड़ियां भरी हुई मिलीं। इन पुड़ियों में MD ड्रग्स और स्मैक के टुकड़े थे। ड्राइवर ने इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी बना ली।

इसी बीच एक व्यक्ति बस टर्मिनल पर पहुंचा और ड्राइवर से पार्सल मांगने लगा। ड्राइवर ने ड्रग्स होने की बात बताई तो उस व्यक्ति ने ड्राइवर को धमकाया और कहा, "तुझे पार्सल लाने के पैसे मिल गए हैं, अब चुप रह।" इसके बाद वह व्यक्ति पार्सल लेकर फरार हो गया। ड्राइवर ने तुरंत हैदराबाद पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला एनसीबी तक पहुंचा।

एनसीबी की प्रतिक्रिया और अपील

जोधपुर एनसीबी के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने इस मामले का वीडियो जारी किया है, जिसमें मिर्च के अंदर छिपाए गए नशे को दिखाया गया है। उन्होंने कहा है कि तस्कर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं, और मथानिया-सोयला क्षेत्र की हरी मिर्च को तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

घनश्याम सोनी ने लोगों से अपील की है:

यदि कोई संदिग्ध पार्सल या गतिविधि दिखे, तो तुरंत एनसीबी की हेल्पलाइन या संबंधित एजेंसियों को सूचित करें।समाज को नशे से मुक्त रखने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।जागरूक रहें और नशे के खिलाफ युद्ध में भागीदारी निभाएं।एनसीबी ने इस तरह की तस्करी पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी बढ़ा दी है, खासकर निजी बसों और पार्सल सर्विस के माध्यम से होने वाली गतिविधियों पर। सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क जोधपुर से अन्य राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था, और मिर्च की आड़ में यह तरीका अपनाया गया क्योंकि मिर्च की गंध से ड्रग्स की महक छिप जाती है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.