राज्यसभा चुनाव: मल्लिकार्जुन खड़गे ने भरा नामांकन, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे मौजूद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।
बेंगलुरु। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस अवसर पर कांग्रेस नेतृत्व की एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन भी देखने को मिला। नामांकन दाखिल करने के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे।
खड़गे ने अपना नामांकन पत्र बेंगलुरु स्थित ‘विधान सौध’ में विधानसभा सचिव एमके विशालाक्षी को सौंपा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं की बड़ी मौजूदगी ने आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी की गंभीरता और संगठनात्मक मजबूती का संकेत दिया।
राज्यसभा में फिर दिखाई देंगे खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे वर्तमान में राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है। कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए कर्नाटक से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खड़गे का संसद के उच्च सदन में बने रहना कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। विपक्षी दलों के बीच समन्वय और संसद में सरकार को घेरने की रणनीति में उनकी भूमिका अहम रही है।
कांग्रेस ने तीन उम्मीदवारों पर लगाया दांव
कांग्रेस ने कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए कुल तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मंसूर अली खान शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार पवन खेड़ा और मंसूर अली खान भी जल्द ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है।
मंसूर अली खान को भी मिला मौका
मंसूर अली खान वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु सेंट्रल सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा बनाए रखते हुए उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। इसे कांग्रेस द्वारा संगठन में सक्रिय नेताओं को सम्मान और अवसर देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
पवन खेड़ा की संसद में एंट्री की तैयारी
पवन खेड़ा लंबे समय से कांग्रेस की मीडिया रणनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखने और भाजपा पर हमलावर रुख अपनाने के कारण वे लगातार चर्चा में रहते हैं।
राज्यसभा में उनकी संभावित एंट्री कांग्रेस की संसदीय रणनीति को और मजबूत कर सकती है। पार्टी को उम्मीद है कि खेड़ा संसद के भीतर भी प्रभावी तरीके से अपनी भूमिका निभाएंगे।
कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बीच अहम चुनाव
राज्यसभा चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब कर्नाटक कांग्रेस में हाल ही में महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के स्थान पर डीके शिवकुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया है।
हालांकि कांग्रेस नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। खड़गे के नामांकन के दौरान राहुल गांधी, डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया की संयुक्त मौजूदगी भी इसी संदेश को मजबूत करती है।
राज्यसभा चुनाव पर रहेगी राजनीतिक नजर
कर्नाटक से होने वाले राज्यसभा चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस जहां अपने वरिष्ठ नेताओं को संसद के उच्च सदन में भेजकर संगठन और विपक्षी राजनीति को मजबूत करना चाहती है, वहीं भाजपा और अन्य दल भी इस चुनाव पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
आने वाले दिनों में पवन खेड़ा और मंसूर अली खान के नामांकन तथा चुनावी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।