उदयपुर हाईवे पर BJP नेता और RTO इंस्पेक्टर में तीखी नोकझोंक, वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू
उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर एक ट्रैक्टर जब्ती को लेकर बीजेपी नेता और आरटीओ इंस्पेक्टर के बीच विवाद का वीडियो सामने आया है।
उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र में उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता और आरटीओ इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ट्रैक्टर जब्ती से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर एक ट्रैक्टर में बिजली के पोल लगाने के लिए गड्ढे खोदने वाली मशीन लगी हुई थी। परिवहन विभाग की जांच के दौरान आरटीओ इंस्पेक्टर सुनील चौधरी ने ट्रैक्टर को रोककर कार्रवाई की और वाहन को जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक ने विरोध जताया और मामले की सूचना बीजेपी के गोगुंदा मंडल अध्यक्ष निखिल कोठारी को दी।
मौके पर पहुंचे BJP नेता, बढ़ा विवाद
सूचना मिलने के बाद निखिल कोठारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रैक्टर चालक को अपना स्टाफ बताते हुए कहा कि वाहन उनका है और इसे ठेके पर दिया गया था।
मौके पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कथित तौर पर बहस के दौरान आरोप-प्रत्यारोप और तीखे शब्दों का इस्तेमाल भी सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो लगभग तीन मिनट का है और इसमें विवाद का पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है।
? वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद आरटीओ अधिकारी सुनील चौधरी ने गोगुंदा थाने पहुंचकर परिवाद दर्ज कराया। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाएगी।
गोगुंदा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वत मांगने का आरोप
दूसरी ओर बीजेपी नेता निखिल कोठारी ने आरटीओ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ट्रैक्टर के खिलाफ कार्रवाई के बाद विभाग में निर्धारित राशि जमा करा दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद मामले को निपटाने के लिए अतिरिक्त धनराशि मांगने की बात कही जा रही थी।
कोठारी का दावा है कि उन्होंने केवल बातचीत के लिए अधिकारी को रुकने के लिए कहा था और मामले को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया।
ट्रैक्टर में लगी थी पोल खोदने की मशीन
बताया जा रहा है कि संबंधित ट्रैक्टर में बिजली के खंभों के लिए गड्ढे खोदने वाली मशीन लगी हुई थी और उसमें कुछ मजदूर भी सवार थे। इसी वाहन को लेकर परिवहन विभाग और वाहन संचालकों के बीच विवाद की स्थिति बनी।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो की सत्यता, दोनों पक्षों के आरोपों और घटनास्थल की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।