जयपुर में फर्जी RBI अफसर बनकर ठगी का बड़ा खेल, दुकानदारों से 40–50 हजार रुपए लेकर हुआ फरार
जयपुर में एक शातिर ठग ने खुद को RBI अफसर बताकर दुकानदारों से नए नोटों का झांसा देकर 40 से 50 हजार रुपए ठग लिए। पुलिस ने तीन थानों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जयपुर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर जालसाज ने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का अफसर बताकर दुकानदारों से हजारों रुपए ठग लिए। आरोपी ने नए नोटों की गड्डी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग दुकानदारों को अपना शिकार बनाया और रकम लेकर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक यह मामला शहर के माणक चौक, गांधी नगर और कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां तीन अलग-अलग दुकानदारों ने शिकायत दर्ज करवाई है। सभी मामलों में एक ही तरीके से ठगी की गई है, जिससे पुलिस को शक है कि यह एक संगठित ठग गिरोह का काम हो सकता है।
कैसे देता था वारदात को अंजाम?
पीड़ित दुकानदारों के अनुसार आरोपी पहले ग्राहक बनकर दुकान पर आता था और सामान्य बातचीत के दौरान खुद को RBI का अधिकारी बताता था। इसके बाद वह नए नोटों की गड्डी उपलब्ध कराने का लालच देता था।
वह दुकानदारों से कहता था कि बैंक के बाहर या RBI के पास आकर पैसे दें, जहां से वह फ्रेश नोट दिलवा देगा। भरोसा जीतने के लिए वह कभी बैंक कॉल का बहाना बनाता तो कभी रिश्तेदारों के लिए नोटों की जरूरत बताता।
40 से 50 हजार की ठगी
एक पीड़ित दुकानदार ने बताया कि आरोपी ने उससे करीब 40 हजार रुपए लिए, जबकि दूसरे दुकानदार से 50 हजार रुपए की ठगी की गई। आरोपी ने सभी से RBI के बाहर मिलने को कहा और बाद में रकम लेकर बैंक के अंदर की ओर जाकर गायब हो गया।
काफी देर इंतजार के बाद जब वह वापस नहीं आया और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला, तब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
CCTV फुटेज से तलाश में पुलिस
तीनों मामलों में पीड़ितों ने आरोपी का हुलिया और CCTV फुटेज पुलिस को सौंपा है। इसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान बनाकर ठगी की है।
अलग-अलग थानों में केस दर्ज
मामले में माणक चौक थाने में सावन गुप्ता, गांधी नगर थाने में आकाश पारासर और कोतवाली थाने में एक अन्य दुकानदार ने शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस सभी शिकायतों को जोड़कर एक ही केस के रूप में जांच कर रही है।
जयपुर का यह मामला दिखाता है कि किस तरह शातिर अपराधी फर्जी पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस अब आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।