लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गुर्गे सुनील मीणा की बड़ी गिरफ्तारी: अजमेर के पेट्रोल पंप मालिक से मांगी थी 5 करोड़ की फिरौती, मलेशिया से की थी धमकी भरी कॉल, फायरिंग करवाई
अजमेर के पेट्रोल पंप मालिक नमन गर्ग से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गुर्गे सुनील मीणा (एसके मीणा) को क्रिश्चियन गंज पुलिस ने छत्तीसगढ़ जेल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने 2022 में मलेशिया से धमकी भरे कॉल किए थे और 20 अक्टूबर 2022 को पेट्रोल पंप पर फायरिंग करवाई थी, जिसमें पीड़ित घायल हुआ था। सुनील मीणा झारखंड का टॉप वांछित था, उसके खिलाफ राजस्थान में 15+ मुकदमे हैं। पुलिस रिमांड पर पूछताछ कर रही है, जिसमें गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद है।
अजमेर। राजस्थान पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक हार्डकोर गैंगस्टर को बड़ी सफलता हासिल करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यह गैंगस्टर सुनील मीणा (उर्फ एसके मीणा) है, जिसने लगभग 4 साल पहले अजमेर के एक पेट्रोल पंप मालिक से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपी ने मलेशिया से फोन पर लगातार धमकियां दीं और दहशत फैलाने के लिए पेट्रोल पंप पर ताबड़तोड़ फायरिंग भी करवाई थी, जिसमें पीड़ित घायल हो गया था।
क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस की टीम ने तकनीकी जांच, खुफिया सूचनाओं और समन्वय के आधार पर आरोपी को छत्तीसगढ़ की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद सुनील मीणा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उसे एक दिन के रिमांड पर लिया है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है, जिसमें अंतरराज्यीय क्राइम नेटवर्क, विदेशी कॉलिंग सिस्टम, फायरिंग की साजिश और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य सदस्यों से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
घटना का पूरा विवरण
यह पूरा मामला वर्ष 2022 का है, जब गुजराती समुदाय के पेट्रोल पंप मालिक नमन गर्ग को मलेशिया से धमकी भरे कॉल आने शुरू हुए। गैंगस्टर सुनील मीणा ने खुद या अपने गुर्गों के माध्यम से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। धमकी न मानने पर डराने-धमकाने के लिए 20 अक्टूबर 2022 को अजमेर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित गुजराती पेट्रोल पंप पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग करवाई गई। इस हमले में भगदड़ मच गई और पेट्रोल पंप मालिक नमन गर्ग घायल हो गए।
पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला क्रिश्चियन गंज थाने में दर्ज हुआ। जांच में पता चला कि यह धमकी और फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निर्देश पर की गई थी। सुनील मीणा इस गैंग का प्रमुख ऑपरेटर माना जाता है, जो विदेश से बैठकर भारत में फिरौती, फायरिंग और अन्य अपराधों को अंजाम देता था।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
सुनील मीणा झारखंड का टॉप मोस्ट वांछित अपराधी रहा है और लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करता है। उसके खिलाफ राजस्थान में ही 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, फिरौती, अवैध हथियार रखना, फायरिंग और गैंगवार से जुड़े मामले शामिल हैं। वह पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार रहा और विभिन्न देशों से ऑपरेशन चलाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह पाकिस्तान और अन्य जगहों से हथियारों की सप्लाई में भी शामिल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और अब तक की स्थिति
मामले में पहले हरियाणा से दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब मास्टरमाइंड सुनील मीणा की गिरफ्तारी से जांच को नया मोड़ मिला है। क्रिश्चियन गंज थाना प्रभारी अरविंद चारण ने बताया कि तकनीकी सबूतों और इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। रिमांड के दौरान पुलिस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, कॉल डिटेल्स, फायरिंग के शूटर और गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।